Saturday, August 15, 2026
Home National New Income Tax Bill 2025 : नया आयकर कानून मध्यमवर्ग के लिए...

New Income Tax Bill 2025 : नया आयकर कानून मध्यमवर्ग के लिए वरदान या चुनौती?…

0
203
New Income Tax Bill 2025
New Income Tax Bill 2025

New Income Tax Bill 2025 : नई दिल्ली : भारत में 64 वर्षों बाद सबसे बड़ा बदलाव आयकर कानून में हुआ है। लोकसभा ने सोमवार को नया आयकर विधेयक 2025 पारित कर दिया है, जो पुराने 1961 के अधिनियम की जगह लेगा। अब यह बिल राज्यसभा में भेजा जाएगा और राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद लागू होगा। इस विधेयक का मकसद कर नियमों को सरल बनाना और करदाताओं के लिए प्रक्रिया को सहज करना है।

New Income Tax Bill 2025 : मध्यम वर्ग के लिए खुशखबरी
नए कानून में सबसे बड़ा फायदा मध्यमवर्गीय परिवारों को होगा। बेसिक टैक्स छूट सीमा बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दी गई है, जबकि टैक्स रिबेट भी 60,000 रुपये तक पहुंचाई गई है। इससे 12 लाख रुपये तक की आय वाले करदाताओं को टैक्स से पूरी तरह राहत मिलेगी। इसके अलावा, स्टैंडर्ड डिडक्शन 75,000 रुपये बनी रहेगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, इन बदलावों से करदाताओं की सालाना बचत करीब 1.14 लाख रुपये तक हो सकती है।

रिफंड और टीडीएस में सहूलियत
नए नियमों के तहत रिफंड का दावा करना भी आसान होगा, भले ही रिटर्न समय पर न भरा गया हो। टीडीएस फाइलिंग में देरी पर अब कोई जुर्माना नहीं लगेगा। साथ ही, कई लेनदेन की टीडीएस सीमा बढ़ाई गई है, जिससे छोटे लेनदेन पर टैक्स कटौती कम होगी और लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा रहेगा।

New Income Tax Bill 2025

नियमों में पारदर्शिता और सादगी
विधेयक में कर नियमों को 47 अध्यायों और 819 धाराओं से घटाकर 23 अध्याय और 536 धाराएं की गई हैं। इससे करदाताओं के लिए नियम समझना और पालन करना काफी आसान होगा। कर वर्ष की नई अवधारणा लाई गई है, जो वित्तीय वर्ष और लेखा वर्ष के बीच भ्रम को दूर करेगी।

एमएसएमई और स्टार्टअप्स को बढ़ावा
सरकार ने नए कानून में एमएसएमई, कृषि, निवेश और निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया है। स्टार्टअप्स और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए भी नई कर छूट और प्रोत्साहन शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, IFSC इकाइयों और पेंशन फंड्स को भी 2030 तक टैक्स में रियायत दी जाएगी।

संपत्ति कर में बदलाव
घर की किराये की आय पर कर गणना के नियमों को भी स्पष्ट किया गया है। अब टैक्स का आधार वास्तविक किराया या उचित अनुमानित किराये में से जो अधिक होगा, वही माना जाएगा। साथ ही, संपत्ति से जुड़े ब्याज व्यय को भी कर में शामिल किया जाएगा।

आयकर विधेयक 2025 कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और करदाताओं के अनुकूल बनाने का प्रयास है, जो देश की आर्थिक प्रगति में भी मददगार साबित होगा। अब नए नियमों के लागू होने के बाद लाखों भारतीयों को टैक्स भरने और नियमों को समझने में सुविधा मिलेगी और कर चोरी पर भी कड़ी कार्रवाई संभव होगी।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here