नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता पवन खेड़ा की पत्नी एवं लेखिका कोटा नीलिमा ने उन पर लगे विदेश फंडिंग के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। नीलिमा ने सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे आरोपों को झूठा बताया और कहा कि इस मामले में वह कानूनी कार्रवाई करेंगी।
सोशल मीडिया पर क्या दावा किया गया?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी और विदेशी फंडिंग के बीच गठजोड़ है, और इस नेटवर्क के जरिए भारतीय पत्रकारों को विदेशी फंडिंग दी जाती है। इसमें कोटा नीलिमा को PROTO नामक संगठन से जोड़ा गया है, जो दिल्ली में स्थित है। आरोप लगाया गया कि इस संगठन के माध्यम से अमेरिकी लिंक वाले जर्नलिज्म प्रोग्राम्स के जरिए विदेशी फंडिंग पत्रकारों तक पहुंचाई जाती है और केंद्र की बीजेपी सरकार के खिलाफ कथित तौर पर नैरेटिव तैयार किए जाते हैं।
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नीलिमा की सफाई
नीलिमा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा कि ये पूरी तरह गलत और राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी ऐसी कोई गतिविधि नहीं की और न ही किसी विदेशी फंडिंग का लाभ उठाया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ फैलाए जा रहे झूठे दावे जनता को भ्रमित करने वाले हैं।
आरोपों का राजनीतिक आयाम
पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि नीलिमा ने 2017 के बाद कई मीडिया और सिविल सोसाइटी प्लेटफॉर्म शुरू किए या उनसे जुड़ीं। इनमें इंस्टीट्यूट ऑफ परसेप्शन स्टडीज (IPS), रेट द डिबेट, हक्कू इनिशिएटिव और स्टूडियोअड्डा (HIS) शामिल हैं। आरोप है कि इनके जरिए BJP सरकार की आलोचना करने वाले पत्रकारों को फंडिंग दी गई।
नीलिमा ने कहा कि उनके खिलाफ फैलाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं और उन्होंने इस मामले में न्यायिक कार्रवाई करने का फैसला किया है।











