NCERT : नई दिल्ली। नई शिक्षा नीति 2020 के बाद लगातार हो रहे बदलावों के बीच एनसीईआरटी ने 14 अगस्त (Partition Horrors Remembrance Day) को एक नया स्पेशल मॉड्यूल ‘Partition Horrors’ जारी किया है। यह मॉड्यूल कक्षा 6–8 और 9–12 के छात्रों के लिए अलग-अलग स्तर पर तैयार किया गया है।
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मॉड्यूल की मुख्य बातें
इस मॉड्यूल में विभाजन के लिए मोहम्मद अली जिन्ना, कांग्रेस (नेहरू–पटेल नेतृत्व) और लॉर्ड माउंटबेटन को जिम्मेदार बताया गया है। इसमें कहा गया कि कांग्रेस ने गृहयुद्ध की स्थिति से बचने के लिए विभाजन स्वीकार किया। महात्मा गांधी ने विभाजन का विरोध किया लेकिन शांतिपूर्ण रुख अपनाया।
माउंटबेटन पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने जून 1948 की बजाय 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता की तारीख आगे खींच दी, जिससे अफरातफरी और हिंसा बढ़ी।
परिणामस्वरूप सामूहिक हत्याएं हुईं, बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ, पंजाब और बंगाल की अर्थव्यवस्था बर्बाद हुई, कश्मीर विवाद खड़ा हुआ और भारत-पाकिस्तान के बीच शत्रुतापूर्ण रिश्ते बने।
देखे – ncert partition-horrors-मॉड्यूल – Partition_Horrors-Middle_Stage
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कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस ने इस मॉड्यूल को “झूठा” बताया और आरोप लगाया कि विभाजन के लिए असल जिम्मेदार आरएसएस थी। पार्टी नेताओं ने यहां तक कहा कि ऐसी किताबों को जलाना चाहिए।
अहोम वंश पर नया विवाद
इसी बीच असम की अहोम कम्युनिटी ने 8वीं कक्षा की नई एनसीईआरटी किताब में लिखी ऐतिहासिक गलतियों पर आपत्ति जताई है। किताब में कहा गया है कि अहोम लोग म्यांमार से आए थे, जबकि इतिहासकारों और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार वे चीन से आए थे। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस गलती को जल्द सुधारने की मांग की है।
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स्पेशल मॉड्यूल क्या होता है?
स्पेशल मॉड्यूल नियमित पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं होते। इन्हें सप्लीमेंट्री मटेरियल की तरह प्रयोग किया जाता है, जैसे पोस्टर्स, वाद-विवाद और चर्चाओं के जरिए छात्रों को किसी खास विषय से परिचित कराने के लिए। हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर पर भी ऐसा ही एक मॉड्यूल जारी हुआ था।











