Naxal : रायपुर। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों को बुधवार को एक और बड़ी सफलता मिली है। एक ही दिन में छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा (गढ़चिरौली) से लेकर कांकेर तक कुल 15 नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन सभी नक्सलियों पर 1 करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था, जिनमें कुख्यात नक्सली विनोद सैयाना भी शामिल है। यह माओवादी संगठनों के लिए एक करारा झटका माना जा रहा है।
Naxal : आत्मसमर्पण की पहली बड़ी घटना गढ़चिरौली में हुई, जहाँ पखांजूर क्षेत्र से लगे सीमावर्ती इलाके में 11 नक्सलियों ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DG) रश्मि शुक्ला के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इन 11 नक्सलियों पर कुल 89 लाख रुपये का इनाम घोषित था। समर्पण के दौरान नक्सलियों ने पुलिस को चार हथियार भी सौंपे। आत्मसमर्पितों में सबसे बड़ा नाम विनोद सैयाना का है, जो लंबे समय से छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर सक्रिय था और जिस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
Naxal : उधर, छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में भी पुलिस को बड़ी सफलता मिली। यहाँ 23 लाख रुपये के इनामी 4 नक्सलियों ने एसपी आईके एलेसेला के सामने आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में दो पुरुष और दो महिला नक्सली शामिल हैं। कांकेर पुलिस के अनुसार, इन चार नक्सलियों में कंपनी नंबर 10 का एक सक्रिय सदस्य भी है।
Naxal : सबसे महत्वपूर्ण खुलासा यह हुआ है कि आत्मसमर्पण करने वाली महिला नक्सलियों में से एक मदनवाड़ा नक्सली हमले में शामिल थी। यह वही घातक हमला था, जिसमें तत्कालीन एसपी विनोद चौबे शहीद हुए थे। इस आत्मसमर्पण को कांकेर पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि एक बड़े और पुराने नक्सली हमले में शामिल सदस्य ने मुख्यधारा में वापसी की है।
Naxal : आत्मसमर्पण के तुरंत बाद, एसपी आईके एलेसेला ने पुनर्वास नीति के तहत चारों नक्सलियों को 50-50 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि भी प्रदान की। यह एक ही दिन में हुए सामूहिक आत्मसमर्पण की घटना यह दर्शाती है कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में नक्सली अब हिंसा का रास्ता छोड़कर सम्मान की जिंदगी जीने का विकल्प चुन रहे हैं।











