नई दिल्ली। Nishaanebaz.com-Rehaan Vadra Photo Controversy: राष्ट्रीय राजधानी स्थित बीकानेर हाउस में आयोजित फोटो प्रदर्शनी से कांग्रेस महासचिव व वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की 74 तस्वीरें हटाए जाने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बीकानेर हाउस प्रबंधन ने मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए स्पष्ट किया है कि हटाई गईं तस्वीरें संस्थान की निर्धारित नीति और गाइडलाइंस के अनुरूप नहीं थीं। प्रशासन के अनुसार, यह परिसर मुख्य रूप से वन्यजीव और संस्कृति के संवर्धन के लिए समर्पित है, जबकि प्रदर्शित कुछ तस्वीरों में राजनीतिक संदेश शामिल थे, जो तय नियमों का उल्लंघन करते हैं।
यह पूरा घटनाक्रम गुरुवार से शुरू होने वाली औपचारिक प्रदर्शनी से ठीक एक दिन पहले बुधवार शाम प्रीव्यू सेशन के बाद सामने आया। रेहान वाड्रा की ‘नो आइडिया इज़ फाइनल’ शीर्षक वाली इस प्रदर्शनी में कुल 105 तस्वीरें शामिल की गई थीं, जिनमें से बीकानेर हाउस प्रशासन ने 75 तस्वीरों को हटाने का अनुरोध किया था। वाड्रा के अनुसार, इन तस्वीरों में दिल्ली में युवाओं द्वारा किए गए हालिया विरोध प्रदर्शनों के दृश्य दर्ज थे। विरोध दर्ज कराने के बावजूद बाद में कर्मचारियों द्वारा इनमें से कुल 74 तस्वीरें प्रदर्शनी स्थल से हटा दी गईं, जिनमें राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे से जुड़ी तस्वीरें भी शामिल थीं।
बीकानेर हाउस प्रबंधन सोसाइटी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि संस्थान कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाला एक सार्वजनिक सांस्कृतिक मंच है। यहाँ आयोजित होने वाली किसी भी गतिविधि में प्रबंधन समिति की नीति का अनुपालन करना अनिवार्य है। सोसाइटी ने कहा कि जो तस्वीरें नीतिगत मानदंडों के अनुकूल पाई गईं, उनका प्रदर्शन जारी रखा गया है, जबकि नीति के विपरीत पाई गई तस्वीरों को हटाने का ही केवल अनुरोध किया गया था। उल्लेखनीय है कि बीकानेर हाउस का संचालन राजस्थान सरकार द्वारा किया जाता है।
इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रेहान की मां और सांसद प्रियंका गांधी ने बीकानेर हाउस के इस कदम को हास्यास्पद करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई देश में युवाओं की आवाज दबाने की सोच को दर्शाती है। प्रियंका गांधी ने कहा कि तस्वीरें केवल विरोध प्रदर्शनों का एक दृश्य दस्तावेजीकरण (विज़ुअल डॉक्यूमेंटेशन) थीं और उनमें किसी भी तरह की आपत्तिजनक या अपमानजनक टिप्पणी शामिल नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है और आज एक कलाकार को निशाना बनाया गया है, तो कल किसी और के साथ ऐसा हो सकता है।