National Digital Livestock Mission Indore : इंदौर : इंदौर कलेक्टर कार्यालय में आज कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक का मुख्य केंद्र केंद्र सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन (NDLM) रहा। कलेक्टर ने इस मिशन के तहत स्थापित किए गए ‘भारत पशुधन पोर्टल’ के उद्देश्यों और क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की।
पारदर्शिता और बेहतर स्वास्थ्य सेवा का लक्ष्य
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि इस डिजिटल मिशन का प्राथमिक उद्देश्य देशभर के पशुधन आंकड़ों के प्रबंधन के लिए एक एकीकृत और पारदर्शी प्लेटफॉर्म प्रदान करना है। इस पोर्टल के माध्यम से:
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पशु पहचान (Tagging): प्रत्येक पशु की विशिष्ट पहचान सुनिश्चित की जाएगी।
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स्वास्थ्य निगरानी: टीकाकरण, बीमारी की स्थिति और उपचार का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा।
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नस्ल सुधार: बेहतर नस्ल के पशुओं के संवर्धन और उनकी निगरानी में आसानी होगी।
ट्रेसबिलिटी पर विशेष जोर
बैठक में जानकारी दी गई कि इस मिशन के माध्यम से पशुधन की ट्रेसबिलिटी (नजर रखना) संभव होगी। इससे पशुओं की चोरी रोकने, आपदा के समय डेटा उपलब्ध कराने और पशुधन से संबंधित विभिन्न योजनाओं के आंकड़ों का प्रबंधन करने में मदद मिलेगी। कलेक्टर ने कहा कि डेटा का सटीक संकलन और नियमित अपडेट होना इस मिशन की सफलता की कुंजी है।
जागरूकता के लिए अधिकारियों को निर्देश
कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हों और पशुपालकों को इस डिजिटल मिशन के लाभों के बारे में जागरूक करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण स्तर पर पशुपालकों को पोर्टल का उपयोग करने और अपने पशुओं का पंजीकरण कराने में मदद की जाए, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
शिवम वर्मा, कलेक्टर, इंदौर
“राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन के तहत हम जिले के प्रत्येक पशु का डेटा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ला रहे हैं। भारत पशुधन पोर्टल के माध्यम से टीकाकरण और नस्ल सुधार की निगरानी पारदर्शी होगी। मैंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे ग्राउंड लेवल पर पशुपालकों को जागरूक करें ताकि शत-प्रतिशत पशुधन की ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित की जा सके।”













