Narendra Modi : नई दिल्ली : संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को लेकर विस्तृत बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो इसके गंभीर वैश्विक और आर्थिक दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं।
Narendra Modi : प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत लगातार संवाद और कूटनीतिक समाधान पर जोर दे रहा है। भारत ईरान, अमेरिका और इजरायल सहित सभी संबंधित पक्षों के संपर्क में है और तनाव कम करने के प्रयास कर रहा है।
Narendra Modi : उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहा यह युद्ध तीन हफ्तों से अधिक समय से जारी है और इससे वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है। इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम करते हैं। उनकी सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
Narendra Modi : पीएम मोदी ने होर्मुज जलडमरूमध्य का जिक्र करते हुए कहा कि वहां कई जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर शामिल हैं, जो चिंता का विषय है। भारत ने नागरिकों और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का भी विरोध किया है।
Narendra Modi : उन्होंने यह भी कहा कि भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से काम कर रहा है, ताकि किसी भी क्षेत्र में बाहरी निर्भरता कम हो। सरकार लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और देशहित में आवश्यक कदम उठा रही है।
Narendra Modi : प्रधानमंत्री ने राज्यों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इस संकट के दौरान जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखना, कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाना और गरीबों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह “टीम इंडिया” की परीक्षा का समय है और सभी को मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा।
Narendra Modi : इस बीच, राज्यसभा में विपक्ष के नेताओं ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं। फिलहाल, सदन की कार्यवाही भोजनावकाश के बाद फिर से शुरू होगी।











