भोपाल: मध्यप्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए किसानों से समय पर पंजीयन कराने की अपील की है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि गेहूं खरीदी व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसानों के पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च निर्धारित की गई है, इसलिए किसानों को तय समय सीमा के भीतर अपनी प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
प्रदेशभर में बनाए गए हजारों पंजीयन केंद्र
अन्नदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पूरे मध्यप्रदेश में 3186 पंजीयन केंद्र स्थापित किए हैं। इन केंद्रों पर किसान आसानी से अपना पंजीयन करा सकेंगे। प्रशासन का उद्देश्य यह है कि किसी भी किसान को लंबी दूरी तय न करनी पड़े और प्रक्रिया सरल व पारदर्शी बनी रहे।
सशक्त किसान, समृद्ध मध्यप्रदेश…
आज 7 फरवरी से गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन शुरू हो रहा है। अंतिम तिथि 7 मार्च है। अन्नदाताओं की सुविधा के लिए राज्य भर में 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं।
मध्यप्रदेश सरकार की जिम्मेदारी, किसानों की मेहनत का मिले पूरा मोल। pic.twitter.com/kp0YaxeXaz
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 7, 2026
समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित करने की तैयारी
सरकार द्वारा हर वर्ष की तरह इस बार भी किसानों की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने की तैयारी की जा रही है। समय पर पंजीयन कराने वाले किसानों को खरीदी प्रक्रिया में प्राथमिकता मिलेगी। इससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलने में मदद मिलेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
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किसानों से समय पर पंजीयन कराने की अपील
प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द पंजीयन करा लें। समय पर पंजीयन होने से खरीदी केंद्रों पर भीड़ कम होगी और भुगतान प्रक्रिया भी तेजी से पूरी हो सकेगी।
प्रदेश सरकार का मानना है कि पारदर्शी उपार्जन व्यवस्था से किसानों का भरोसा मजबूत होगा और कृषि क्षेत्र को नई गति मिलेगी।












