भोपाल: मध्य प्रदेश में मावठा गिरने और कई जिलों में कोहरा छाने के बाद सर्दी का असर और तेज होने वाला है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में राज्य के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। बदलते मौसमी सिस्टम के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में ठिठुरन बढ़ने के आसार हैं।
कोहरे ने बढ़ाई परेशानी
गुरुवार को ग्वालियर, दतिया समेत चंबल अंचल के पांच जिलों में मध्यम स्तर का कोहरा देखने को मिला। सुबह के समय दृश्यता कम होने के कारण आम जनजीवन प्रभावित रहा। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और सुबह की दिनचर्या पर भी असर पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में कोहरे की स्थिति और गंभीर हो सकती है, खासकर उत्तर मध्य प्रदेश के इलाकों में।
24 जनवरी से दिखेगा पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिम और उत्तर भारत के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के ऊपर दो चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इसके अलावा एक पश्चिमी विक्षोभ भी लगातार आगे बढ़ रहा है। इन मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज पहले ही बदल चुका है। इसी क्रम में 24 जनवरी से मध्य प्रदेश में भी इसका असर साफ तौर पर नजर आने लगेगा।
इस दौरान प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि बादलों की आवाजाही के चलते रात के तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे सर्दी का असर और तीखा होगा।
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इन जिलों में बारिश की संभावना
23 जनवरी को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में हल्की बारिश होने के आसार जताए गए हैं। बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलने की संभावना है, जिससे इन इलाकों में सर्दी का असर अचानक बढ़ सकता है।
किसानों और आम लोगों के लिए अलर्ट
मौसम में इस बदलाव का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। जानकारों का कहना है कि बारिश और तापमान में गिरावट से रबी फसलों को कुछ हद तक फायदा मिल सकता है, लेकिन अत्यधिक ठंड और कोहरा फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकता है। वहीं आम लोगों को भी ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
आगे क्या रहेगा हाल?
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मध्य प्रदेश में सर्दी का असर बना रहेगा। खासकर उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में कोहरा, बादल और हल्की बारिश के चलते ठिठुरन बढ़ने की पूरी संभावना है। ऐसे में लोगों को गर्म कपड़ों के साथ-साथ सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।











