MP Weather Alert: भोपाल। मध्य प्रदेश में चालू मानसून सत्र पूरी तरह से परवान चढ़ चुका है, जिसके चलते प्रदेश के बड़े हिस्से में जनजीवन व्यापक रूप से प्रभावित होने की कगार पर है। बंगाल की खाड़ी से आ रही आद्रता और उत्तर-पश्चिमी वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार को राज्य के 7 जिलों में मूसलाधार से अति भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
इसके अतिरिक्त, राजधानी भोपाल और आर्थिक राजधानी इंदौर सहित प्रदेश के 44 प्रमुख जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली विनाशकारी आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश की कड़े शब्दों में चेतावनी दी गई है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, आने वाले 3 से 5 दिनों तक पूरे सूबे में मानसून का बेहद आक्रामक रूप देखने को मिलेगा।
बालाघाट और डिंडौरी में अत्यधिक भारी बारिश; देवास-हरदा सहित 5 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम केंद्र भोपाल से प्राप्त आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, अलग-अलग संभागों और भौगोलिक विन्यास के आधार पर बारिश की तीव्रता दर्ज की जा रही है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासनों को विशेष सुरक्षात्मक निर्देश जारी किए गए हैं:
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अति भारी बारिश (ऑरेंज अलर्ट): महाकौशल और पूर्वी मध्य प्रदेश के बालाघाट और डिंडौरी जिलों में प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने और अत्यधिक भारी मूसलाधार बारिश होने की संविदात्मक आशंका है।
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भारी बारिश (येलो अलर्ट): पश्चिमी और मध्य क्षेत्र के देवास, हरदा, पांढूर्ना, छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
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हल्की बौछारें: नीमच, मंदसौर, आगर मालवा और रतलाम बेल्ट में आंशिक मेघमय वातावरण के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
44 जिलों में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से अंधड़ की चेतावनी; भोपाल-उज्जैन में मानसून की दस्तक
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक, मानसूनी हवाओं ने जबलपुर, भोपाल, रीवा और शहडोल संभाग के अधिकांश हिस्सों को अपनी जद में ले लिया है। वर्तमान वेदर चार्ट के अनुसार, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग सहित कुल 44 जिलों में अल्पकालिक तेज आंधी और आकाशीय बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।
वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान है कि भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग के जो गिने-चुने जिले अभी शेष हैं, वहां भी अगले 48 से 72 घंटों के भीतर मानसूनी तंत्र पूरी तरह से प्रवेश कर जाएगा।
सागर में रिकॉर्ड 160.5 मिमी वर्षा दर्ज; 3 जुलाई से नया ‘लो प्रेशर एरिया’ बढ़ाएगा आफत
विगत 24 घंटों के आंकड़ों का विसर्जन करने पर सामने आया कि बुंदेलखंड के सागर जिले में रिकॉर्ड तोड़ 160.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि अशोकनगर में 129 मिमी पानी बरसा है। मौसम विभाग ने अपने दीर्घावधि पूर्वानुमान में चेतावनी दी है कि:
“बंगाल की खाड़ी में वर्तमान समय में एक अत्यंत शक्तिशाली वेदर सिस्टम आकार ले रहा है, जो 3 जुलाई 2026 के आसपास कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) में तब्दील हो जाएगा। इसके प्रभाव से जबलपुर, नर्मदापुरम, इंदौर और उज्जैन संभाग में आगामी पांच दिनों तक लगातार मूसलाधार बारिश की झड़ी लगी रहेगी।”
प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले नागरिकों और निचले इलाकों के रहवासियों को जलभराव की स्थिति से सचेत रहने तथा जल स्रोतों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की गंभीर सलाह जारी की है।







