टीकमगढ़। Tikamgarh Urea Black Marketing: टीकमगढ़ में किसानों के हक की खाद पर कालाबाजारी की तैयारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश से अवैध तरीके से लाई गई यूरिया खाद का एक किराये के मकान में भारी मात्रा में स्टॉक किया गया था। इस मामले की पुख्ता सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया और कृषि विभाग तथा राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने त्वरित छापामार कार्रवाई करते हुए करीब 200 बोरी यूरिया को अपने कब्जे में लेकर जब्त कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मवई क्षेत्र के रहने वाले आशीष जैन द्वारा उत्तर प्रदेश की सीमा से यूरिया की बोरियों की यह खेप मंगाई गई थी। इन बोरियों को सुरक्षा की दृष्टि से और लोगों की नजरों से छिपाकर दुर्गापुर इलाके में स्थित रामपत लोधी के एक किराये के मकान में अवैध रूप से स्टॉक करके रखा गया था। प्रारंभिक जांच और स्थानीय स्तर पर सामने आए तथ्यों के आधार पर यह गंभीर आरोप लगाया जा रहा है कि इस पूरी खाद को आगामी दिनों में स्थानीय किसानों को निर्धारित मूल्य से काफी ऊंचे दामों पर बेचने की बड़ी तैयारी की जा रही थी।
इस पूरी घटना की भनक लगते ही जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के स्पष्ट और सख्त निर्देशों के अनुपालन में जिला कृषि अधिकारी मनोज कश्यप ने कृषि विभाग के पूरे अमले और राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर तुरंत घटनास्थल पर दबिश दी। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और वहां रखे गए अवैध यूरिया के स्टॉक को पूरी तरह से सील करते हुए जब्ती की इस बड़ी कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
इस छापामार कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है और कृषि आदान सामग्री के अवैध कारोबारियों में खौफ का माहौल देखा जा रहा है। प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर उत्तर प्रदेश की सीमा से इतनी भारी मात्रा में यूरिया खाद बिना वैध दस्तावेजों के टीकमगढ़ जिले के भीतर तक कैसे पहुंच गई। इसके साथ ही जांच एजेंसियों यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस अवैध कारोबार और मुनाफाखोरी के इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग परोक्ष या अपरोक्ष रूप से शामिल हैं।
टीकमगढ़ में यूपी से लाई गई 200 बोरी यूरिया जब्त, ऊंचे दाम पर बेचने की थी तैयारी।
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— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) November 3, 2026
प्रशासन द्वारा इस पूरे मामले की गहनता से पड़ताल की जा रही है और संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला कृषि अधिकारी मनोज कश्यप ने इस मामले को लेकर अपनी आधिकारिक बात रखते हुए स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या व्यापारी को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी इस तरह के अवैध भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासनिक जांच के दौरान आगे और भी कई बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना जताई जा रही है, जिस पर क्षेत्र के तमाम नागरिकों और किसानों की विशेष नजर बनी हुई है।
