MP Sagar News : सागर, मध्य प्रदेश। एक अनोखी और हैरान कर देने वाली घटना सागर जिले से सामने आई है। यहाँ एक कैदी सोहन सिंह उर्फ बबलू को ट्रायल कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई थी, लेकिन जेल विभाग ने उसे 15 साल बाद जून 2025 में रिहा किया। इससे कैदी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और न्यायालय ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाया।
MP Sagar News : कैसे हुआ मामला:
सागर जिले के खुरई निवासी सोहन सिंह पर रेप समेत दो धाराओं में मुकदमा था। ट्रायल कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बाद में जबलपुर हाईकोर्ट ने सबूतों के आधार पर सजा घटाकर 7 साल कर दी। हालांकि जेल विभाग ने उसे 15 साल बाद रिहा किया, जिससे उसने आठ साल अधिक जेल में काटे।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला:
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार से दो हफ्ते के भीतर जवाब मांगा था, लेकिन सरकार की प्रतिक्रिया से संतुष्ट नहीं होकर SC ने 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। कोर्ट ने कहा कि कैदी बेल पर बाहर भी रहा, फिर भी उसने 4.7 साल अधिक जेल में बिताए। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन ने यह फैसला सुनाया।
यह मामला मध्य प्रदेश के जेल प्रशासन और सजा निष्पादन प्रणाली में गंभीर सवाल खड़े करता है और न्यायपालिका ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह खबर प्रदेश में कानून और व्यवस्था के प्रति जनता के विश्वास को मजबूत करने वाली है और जेल प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी गंभीर ध्यान आकर्षित करती है।











