MP Political Crisis : भोपाल. जहाँ एक तरफ मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार जल्द ही प्रदेश की लाखों महिलाओं के खाते में लाड़ली बहना योजना की 30वीं किस्त जारी करने की तैयारी कर रही है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ राज्य के किसानों के साथ दोयम व्यहवार करते हुए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने इस संबंध में नया आदेश जारी किया है।
MP Political Crisis : किसानों के साथ दोयम व्यहवार
दरअसल इस जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य शासन के निर्देशों के मुताबिक कृषि फीडरों को केवल 10 घंटे तक ही बिजली दी जा सकती है। वहीं अगर किसी फीडर पर लगातार इससे अधिक बिजली आपूर्ति की गई तो संबंधित अधिकारी को ही जिम्मेदार माना जाएगा।
‘लाड़ली बहना’ योजना पर सरकार मेहरबान
जानकारी दें कि, ‘लाड़ली बहना’ योजना महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता रहा है, जिसके तहत हर महीने पात्र लाड़ली बहनों को 1500 रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।
वहीं इस योजना के माध्यम से लाभार्थियों को अब तक वित्तीय सहायता की 29 किश्तों का लाभ सफलतापूर्वक मिल भी चुका है। इसके साथ ही अब राज्य सरकार इस योजना की 30वीं किस्त जारी करने जा रही है।
इस बाबत मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, राज्य सरकार योजना की 30वीं किस्त(Ladli Behna Yojana 30th installment) आगामी 5 नवंबर से 10 नवंबर 2025 के बीच महिलाओं के खातों में भेजी जा सकती है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक तारीख की पुष्टि नहीं हुई है।
किसानों को मिलने वाली बिजली पर भी कसी जा रही नकेल
लेकिन वहीं किसानों को दी जा रही बिजली पर मोहन यादव सरकार की नजर टेढ़ी हो गयी है। इस बाबत राज्य के बिजली विभाग के बीते 3 नवंबर 2025 को जारी आदेश की मानें तो अगर किसी कृषि फीडरों पर लगातार दो दिन तक 10 घंटे से ज्यादा बिजली दी जाती है, तो संबंधित असिस्टेंट इंजीनियर (AE) का एक दिन का वेतन काटा जाएगा।
वहीं यदि यह स्थिति लगातार तीन दिन तक बनी रहती है तो डीजीएम (DGM) का वेतन कटेगा और सात दिनों तक लगातार अतिरिक्त बिजली आपूर्ति होने पर इसके साथ ही जीएम (GM) का भी वेतन पर गाज गिरेगी।
आदेश पर सियासी पारा हाई
हालाँकि इस आदेश पर अब सियासी पारा भी हाई हो चूका है और प्रदेश में में सियासत तेज हो गई है। इस बाबत कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए इसे किसानों का विरोधी करार दिया है।
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इस बाबत कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हुंकार भरते हुए कहा कि राज्य में पहले से ही बिजली की भारी कमी है और अब किसानों को 10 घंटे से अधिक बिजली देने पर रोक लगाकर सरकार ने उनके साथ भयंकर अन्याय किया है। सिंघार की मानें तो राज्य की मोहन यादव सरकार किसानों की समस्याओं से दूर रहकर केवल इसको ठीक करने के दिखावे पर ही ज्यादा जोर दे रही है।








