MP NEWS : तीन पीढ़ियों का अवैध गन नेटवर्क ध्वस्त, भोपाल क्राइम ब्रांच ने किया बड़ा खुलासा, पढ़िए कैसे 35 सालों से चल रहा था कारोबार

Sanjay Sahu
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MP NEWS : भोपाल : भोपाल पुलिस की क्राइम ब्रांच ने टीकमगढ़ जिले में एक बड़े अंतर्राज्यीय अवैध हथियार निर्माण नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में दो अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियां सामने आई हैं, जिनमें से एक फैक्ट्री ग्राम चंदेरी थाना कुड़ीला में एक घर के अंदर चल रही थी, जबकि दूसरी फैक्ट्री ग्राम रामगढ़ थाना जतारा के एक वेयरहाउस में संचालित थी। जांच में यह खुलासा हुआ कि यह पूरी अवैध गतिविधि एक ही परिवार के तीन पीढ़ियों से लगातार चल रही थी और लगभग 35 से 40 वर्षों से इस कारोबार को जारी रखा जा रहा था।

 

 

MP NEWS : पुलिस ने बताया कि यह परिवार हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले सभी कलपुर्जे खुद ही बनाता था, जिससे मुनाफा अधिक होता था। इसके लिए वे लेथ मशीन का भी उपयोग करते थे, जो आमतौर पर कृषि उपकरण बनाने के लिए इस्तेमाल होती है, लेकिन इस मामले में इसे चोरी-छिपे हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। फैक्ट्री से जब्त की गई सामग्री से दर्जनों अवैध हथियार बनाए जा सकते थे।

MP NEWS : स्थानीय स्तर पर इस अवैध हथियार निर्माण का जोखिम अधिक था, इसलिए इस परिवार ने अपने उत्पादों की अधिकतर खपत उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में की। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि वेयरहाउस के मालिक को भी पार्टनर बनाया गया था और उस स्थान का किराया भी दिया जाता था, जिससे यह धंधा और संगठित रूप ले चुका था।

 

MP NEWS : पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि आरोपी परिवार के सदस्यों ने अपने बेटों, नातियों और पोतों को जेल जाने के बाद भी इस अवैध कारोबार को जारी रखा। इस बात से भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह परिवार इस अवैध काम में कितना संगठित और सक्रिय था।

MP NEWS : टीकमगढ़ में चल रही इस अवैध हथियार फैक्ट्री की आड़ में कुटीर उद्योग और कृषि उपकरण बनाने का काम भी दिखाया जाता था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि इस परिवार के हथियारों की सप्लाई झांसी सहित उत्तर प्रदेश के अन्य इलाकों में होती थी। इस कनेक्शन की जांच अभी भी जारी है।

MP NEWS : इस पूरे मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस मछली परिवार से जुड़े अन्य सदस्यों और गुर्गों की भी जांच कर रही है, ताकि इस पूरे अंतर्राज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके।

MP NEWS : यह मामला साबित करता है कि किस तरह से अवैध हथियार बनाने वाले गिरोह स्थानीय तौर पर जोखिम को कम करते हुए सीमावर्ती इलाकों में अपने उत्पादों को सप्लाई करते हैं और लंबे समय तक अपने कारोबार को चालू रखते हैं। पुलिस की यह बड़ी कार्रवाई इस तरह के अवैध नेटवर्क को तोड़ने में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

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