MP News : डबरा। शुक्रवार की बारिश ने एक बार फिर ग्रामीण व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। चिनौर क्षेत्र के ग्राम पिपरो में 48 वर्षीय प्रताप सिंह जाटव की जान सिर्फ इसलिए चली गई, क्योंकि गांव से मुख्य सड़क तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई। तेज बहाव के कारण गांव का संपर्क पूरी तरह कट गया था, और मजबूर परिजनों ने उन्हें खटिया पर उठाकर ले जाने की कोशिश की—but it was too late.
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बरसात में हर साल दोहराई जाती है ये त्रासदी — लेकिन नहीं बदलती व्यवस्था।
गांव वालों का कहना है कि हर साल यही हाल होता है—नाला उफान पर, रास्ते बंद, और लोग भगवान भरोसे। ना डॉक्टर पहुंच पाते हैं, ना मरीज़ अस्पताल। गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी तक खटिया पर होती है।
अब सवाल ये है—जब सरकार स्मार्ट सिटी की बात करती है, तो क्या इन गांवों की बुनियादी ज़रूरतें किसी प्राथमिकता में नहीं आतीं?
ग्रामीणों की मांग:
स्थायी पुल या पक्के रास्ते का निर्माण हो, ताकि भविष्य में कोई और प्रताप सिंह इलाज से पहले न मरे।













