Sunday, September 27, 2026
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MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! संविदा कर्मचारियों का ट्रांसफर नहीं कर सकेगी सरकार, जानें पूरा आदेश

MP High Court Contract Employees Verdict: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट संविदा कर्मचारी फैसला प्रदेश के हजारों संविदा कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि नियुक्ति अनुबंध में तबादले का कोई प्रावधान नहीं है, तो सेवा अवधि के दौरान संविदा कर्मचारी का ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। अदालत ने इस तरह के तबादलों को अनुबंध की शर्तों के खिलाफ माना है।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट संविदा कर्मचारी फैसला जस्टिस विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने मुकेश कुमार उपाध्याय और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुनाया। कोर्ट ने संबंधित संविदा कर्मचारियों के तबादला आदेशों को पूरी तरह निरस्त कर दिया। अदालत ने कहा कि नियुक्ति अनुबंध की शर्तों का पालन करना जरूरी है और उसके विपरीत लिया गया निर्णय वैध नहीं माना जा सकता।

सरकार की दलील कोर्ट ने नहीं मानी
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट संविदा कर्मचारी फैसला में राज्य सरकार ने 24 फरवरी 2020 के एक सर्कुलर का हवाला देते हुए तबादलों को सही ठहराने की कोशिश की। हालांकि हाईकोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि संविदा नियुक्ति और नियमित सरकारी सेवा की प्रकृति अलग होती है, इसलिए दोनों पर एक जैसे नियम लागू नहीं किए जा सकते।
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अनुबंध की शर्तों को बताया सबसे महत्वपूर्ण
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट संविदा कर्मचारी फैसला में अदालत ने कहा कि संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति पूरी तरह अनुबंध के आधार पर होती है। इसलिए अनुबंध में जो शर्तें तय हैं, उन्हीं के अनुसार सेवा संचालित होगी। यदि अनुबंध में तबादले का उल्लेख नहीं है, तो बीच सेवा अवधि में कर्मचारी का ट्रांसफर करना अनुबंध की मूल भावना के खिलाफ होगा।

असाधारण स्थिति में भी नहीं होगा ट्रांसफर
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट संविदा कर्मचारी फैसला में कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी विशेष या असाधारण परिस्थिति का हवाला देकर भी सेवा अवधि के बीच संविदा कर्मचारी का तबादला नहीं किया जा सकता। अदालत के अनुसार ऐसा निर्णय कानूनी रूप से उचित नहीं माना जाएगा।

भविष्य के लिए सरकार को मिली छूट
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट संविदा कर्मचारी फैसला में अदालत ने राज्य सरकार को भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प भी दिया है। कोर्ट ने कहा कि वर्तमान अनुबंध समाप्त होने के बाद यदि सरकार नए या नवीनीकृत अनुबंध में तबादले की शर्त जोड़ना चाहे तो वह ऐसा कर सकती है। यानी आने वाले समय में नए अनुबंधों के नियम बदले जा सकते हैं।

क्या होगा इस फैसले का असर?
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट संविदा कर्मचारी फैसला का असर प्रदेश के उन सभी संविदा कर्मचारियों पर पड़ सकता है, जिनके अनुबंध में तबादले का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे कर्मचारियों के लिए यह फैसला एक महत्वपूर्ण कानूनी आधार बन सकता है। हालांकि प्रत्येक मामले में अंतिम निर्णय संबंधित तथ्यों और अनुबंध की शर्तों पर निर्भर करेगा।

कर्मचारियों के लिए क्यों है अहम फैसला?
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट संविदा कर्मचारी फैसला ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संविदा कर्मचारियों के अधिकारों का निर्धारण उनके अनुबंध के आधार पर होगा। इससे भविष्य में अनुबंध की शर्तों के पालन को लेकर अधिक स्पष्टता आएगी और नियुक्ति से जुड़े विवादों में कानूनी दिशा भी मिलेगी।

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