भोपाल : पहाड़ी इलाकों से आ रही बर्फीली हवाओं ने मध्य प्रदेश में ठंड का प्रकोप बढ़ा दिया है। प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में सर्दी और घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। बीते 24 घंटे में पूरे राज्य में मौसम शुष्क बना रहा, लेकिन तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है।
कई संभागों में सामान्य से नीचे पहुंचा तापमान
भोपाल, रीवा, जबलपुर और शहडोल संभाग के जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.5 से 2.1 डिग्री सेल्सियस कम रिकॉर्ड किया गया। शहडोल और कटनी जिलों में शीतलहर का प्रभाव साफ नजर आया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
कल्याणपुर बना प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका
शनिवार को शहडोल जिले का कल्याणपुर प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान मात्र 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उमरिया में 4.8 डिग्री, खजुराहो और राजगढ़ में 5 डिग्री, चित्रकूट में 5.2 डिग्री और मंडला में 5.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। प्रदेश के 25 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया है।
बड़े शहरों में भी बढ़ी ठंड
राजधानी भोपाल प्रदेश का सबसे ठंडा बड़ा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ग्वालियर में 8.2, जबलपुर में 8.3, इंदौर में 9 और उज्जैन में 10 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, अधिकतम तापमान की बात करें तो खरगोन में 29.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा।
पांच जिलों में शीतलहर, कई में कोहरे का अलर्ट
मौसम विभाग ने अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, कटनी और मैहर में शीतलहर का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा ग्वालियर, दतिया, भिंड, रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है।
आने वाले दिनों में और बढ़ेगी ठंड
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान, पाकिस्तान और अफगानिस्तान सीमा पर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ईरान-पाकिस्तान क्षेत्र में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण 1-2 दिन में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इससे प्रदेश में ठंड और बढ़ने की संभावना है।











