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MP Board Exam : नकल पर नकेल! 10 फरवरी से 16 लाख छात्रों की परीक्षा, 1000 कैमरों से होगी लाइव निगरानी, ESMA लागू

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भोपाल: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की बोर्ड परीक्षाओं में इस साल पहली बार अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। नकल पर पूरी तरह रोक लगाने के उद्देश्य से एमपी बोर्ड ने थाने से लेकर परीक्षा केंद्र तक ऐप आधारित लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया है। यह व्यवस्था प्रदेश में बोर्ड परीक्षा इतिहास में पहली बार अपनाई जा रही है।

226 अतिसंवेदनशील केंद्रों पर कड़ी नजर

प्रदेश के 9 जिलों के कुल 226 अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों को चिन्हित किया गया है, जहां अतिरिक्त सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। इन केंद्रों पर करीब 1000 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरों की लाइव फीड राजधानी भोपाल में बनाए गए बोर्ड के कंट्रोल-कमांड सेंटर में देखी जा सकेगी।

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लाइव फीड से तुरंत होगी कार्रवाई

इन कैमरों के जरिए परीक्षा कक्ष, प्रवेश द्वार और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित थाना, जिला प्रशासन और बोर्ड अधिकारियों तक पहुंचेगी। ऐप आधारित मॉनिटरिंग से अधिकारियों को रियल-टाइम अलर्ट मिलेगा, जिससे मौके पर तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी।

भोपाल, इंदौर समेत ये जिले संवेदनशील

अतिसंवेदनशील केंद्रों में भोपाल, इंदौर, देवास, सागर और ग्वालियर जैसे बड़े जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में पहले हुई घटनाओं को देखते हुए बोर्ड ने सख्त कदम उठाए हैं। प्रदेशभर में कुल 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 16 लाख छात्र 10वीं, 12वीं, पांचवीं और आठवीं की परीक्षाएं देंगे।

परीक्षा तिथियां और ESMA लागू

एमपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 10 फरवरी से शुरू होंगी, जबकि पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं 20 फरवरी से आयोजित की जाएंगी। परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए राज्य सरकार ने एसेंशियल सर्विस एंड मेंटेनेंस एक्ट (ESMA) लागू कर दिया है, जो 1 फरवरी से 30 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा।

शिक्षकों पर भी सख्त नियम

ESMA लागू होने के चलते तीन महीने तक शिक्षक आंदोलन, धरना या प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे। इस अवधि में महिला शिक्षिकाएं भी संतान पालन अवकाश (CCL) नहीं ले पाएंगी। इसके अलावा विभिन्न विभागों में अटैच किए गए शिक्षकों को 1 फरवरी से पहले अपने मूल स्कूल में उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है, अन्यथा फरवरी का वेतन रोका जा सकता है।

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