निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय अनुशासन को लेकर बड़ा और सख्त कदम उठाते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) को अगले पांच वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इस फैसले के बाद अब यह बैंक राज्य के किसी भी सरकारी विभाग, बोर्ड, निगम, मंडल या विश्वविद्यालय के वित्तीय लेनदेन में शामिल नहीं हो सकेगा।
सरकार का सख्त फैसला
वित्त विभाग द्वारा 27 मार्च को जारी आदेश के अनुसार, बैंक ऑफ बड़ौदा को अधिकृत बैंकों की सूची से हटा दिया गया है। यह आदेश प्रदेश के सभी विभागों और संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश के साथ भेजा गया है।
किसान योजना में बड़ी लापरवाही
यह कार्रवाई मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत करोड़ों रुपये के प्रबंधन में गंभीर चूक के बाद की गई है। जानकारी के मुताबिक, योजना के खाते में जमा करीब 1751 करोड़ 98 लाख रुपये को साइबर ट्रेजरी के माध्यम से कृषि विभाग के निर्धारित हेड में जमा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन बैंक इनका पालन करने में विफल रहा।
सरकार को हुआ नुकसान
वित्त विभाग ने इस लापरवाही को बेहद गंभीर मानते हुए कहा कि इससे शासन को अपूरणीय क्षति हुई है। इसी कारण बैंक के खिलाफ कड़ा कदम उठाया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
क्या है मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना
यह योजना राज्य सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से चलाई जाती है। इसके तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की राशि तीन किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। यह योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अतिरिक्त है।
लाखों किसानों को मिलता है लाभ
प्रदेश के करीब 76 लाख किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे खातों में राशि पहुंचाने की व्यवस्था की गई है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
सरकार के इस फैसले को वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे यह भी साफ संकेत गया है कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मध्य प्रदेश में यह कार्रवाई बैंकिंग और वित्तीय व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखी जा रही है।











