AI Cyber Harassment Case: एआई साइबर उत्पीड़न मामला सामने आने के बाद हर कोई हैरान है। राजधानी भोपाल की एक युवती ने आरोप लगाया है कि शादी का रिश्ता टूटने से नाराज एक युवक ने उसे महीनों तक ऑनलाइन और फोन के जरिए परेशान किया। मामला इतना बढ़ गया कि युवक ने कथित तौर पर युवती के घर एक ही दिन में 500 कैब बुक करवा दीं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से फर्जी तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाने की कोशिश की।युवती ने अब पूरे एआई साइबर उत्पीड़न मामला की शिकायत राज्य महिला आयोग से की है।
एआई साइबर उत्पीड़न मामला की शुरुआत मई 2025 में हुई थी। जानकारी के अनुसार भोपाल की युवती की पहचान एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से उदयपुर के युवक से हुई थी।दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और बाद में परिवारों की मुलाकात भी हुई। शुरुआती सहमति के बाद शादी की तैयारी शुरू होने लगी थी।
परिवार को संदिग्ध लगा युवक का व्यवहार
एआई साइबर उत्पीड़न मामला में मोड़ तब आया जब युवती के परिवार को युवक का व्यवहार सामान्य नहीं लगा। कुछ बातों को लेकर परिवार ने चिंता जताई और बाद में रिश्ता आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया।रिश्ता टूटने के बाद युवक कथित तौर पर लगातार युवती से संपर्क करने की कोशिश करता रहा।
ब्लॉक करने के बाद भी नहीं रुका
एआई साइबर उत्पीड़न मामला में युवती का आरोप है कि उसने युवक को फोन और सोशल मीडिया से ब्लॉक कर दिया था। इसके बावजूद युवक अलग-अलग नंबरों से संपर्क करने की कोशिश करता रहा।बताया गया है कि वह लगातार यह जानने का प्रयास कर रहा था कि युवती किसी अन्य व्यक्ति से बातचीत तो नहीं कर रही है।
AI से बनाई फर्जी तस्वीरें
एआई साइबर उत्पीड़न मामला का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा एआई तकनीक का कथित दुरुपयोग है। युवती का आरोप है कि युवक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से उसकी फर्जी तस्वीरें तैयार कीं।इन तस्वीरों में कथित तौर पर गोदभराई, हनीमून और अन्य निजी पलों जैसी नकली तस्वीरें बनाई गईं और सोशल मीडिया पर फैलाने की कोशिश की गई।
एक दिन में भेज दीं 500 कैब
एआई साइबर उत्पीड़न मामला में एक और हैरान करने वाला आरोप सामने आया है। युवती के अनुसार जनवरी 2026 में उसके घर के पते पर एक ही दिन में करीब 500 कैब बुक कर दी गईं।लगातार कैब पहुंचने से परिवार परेशान हो गया। इसके बाद उन्हें समझ आया कि कोई जानबूझकर उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने की कोशिश कर रहा है।
महिला आयोग पहुंचा मामला
कई महीनों तक कथित प्रताड़ना झेलने के बाद एआई साइबर उत्पीड़न मामला राज्य महिला आयोग तक पहुंच गया है। युवती ने पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।महिला आयोग अब मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रहा है।
साइबर विशेषज्ञों ने जताई चिंता
एआई साइबर उत्पीड़न मामला को लेकर साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि एआई तकनीक का गलत इस्तेमाल गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है।विशेषज्ञों के अनुसार किसी व्यक्ति की तस्वीरों का दुरुपयोग करना, फर्जी पहचान बनाना, ऑनलाइन उत्पीड़न करना और निजी जानकारी का इस्तेमाल कर परेशानी पैदा करना कानूनी कार्रवाई का आधार बन सकता है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
फिलहाल एआई साइबर उत्पीड़न मामला में संबंधित एजेंसियां शिकायत की जांच कर रही हैं। जांच के दौरान डिजिटल सबूत, सोशल मीडिया गतिविधियां और कॉल रिकॉर्ड जैसे पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है।यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ साइबर अपराध और उत्पीड़न से जुड़े विभिन्न प्रावधानों के तहत कार्रवाई संभव है।




[…] […]