Mokshit Corporation : रायपुर/दुर्ग : तछत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सीजीएमएससी दवा घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बड़ा कदम उठाया है। ईडी ने हाल ही में दुर्ग सहित राज्यभर में फैले कुल 20 परिसरों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई मोक्षित कार्पोरेशन के मालिक शशांक चोपड़ा, उनके परिजनों, व्यावसायिक सहयोगियों और सीजीएमएससी से जुड़े कुछ अधिकारियों के ठिकानों पर की गई थी। मंगलवार को ईडी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि छापेमारी के दौरान लगभग 40 करोड़ रुपये की संपत्ति, बैंक बैलेंस और निवेश को फ्रीज किया गया है।
Mokshit Corporation : .बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप
Mokshit Corporation : ईडी की इस कार्रवाई का सीधा संबंध सीजीएमएससी (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन) से जुड़े एक कथित घोटाले से है, जिसमें दवाओं, मेडिकल उपकरणों और प्रयोगशाला में उपयोग होने वाले रीएजेंट्स की आपूर्ति के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप हैं। मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत यह छापे 30 जुलाई को एक साथ कई स्थानों पर डाले गए थे, जो दो दिनों तक चले।
Mokshit Corporation : 40 करोड़ रुपये की संपत्ति और निवेश जब्त
Mokshit Corporation : जांच के दौरान शशांक चोपड़ा के घर और दफ्तर के अलावा उनके रिश्तेदारों और साझेदारों के ठिकानों की भी तलाशी ली गई। ईडी की टीमों ने इन सभी जगहों से बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट्स, डीमैट अकाउंट्स में जमा शेयरों, महंगी गाड़ियों और भारी नकद लेन-देन से जुड़े कच्चे दस्तावेजों की पड़ताल की। इसके आधार पर ईडी ने करीब 40 करोड़ रुपये की संपत्ति और निवेश जब्त कर लिया है।
Mokshit Corporation : घोटाला तकरीबन 600 करोड़ रुपये का बताया जा रहा
Mokshit Corporation : यह घोटाला तकरीबन 600 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है, जिसमें सीजीएमएससी के माध्यम से मेडिकल सप्लाई के नाम पर सरकारी धन का कथित दुरुपयोग हुआ। ईडी की जांच के दायरे में वे अधिकारी भी आए हैं जो उस वक्त सीजीएमएससी में पदस्थ थे और आज भी छत्तीसगढ़ शासन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
Mokshit Corporation : शासन-प्रशासन में खलबली
Mokshit Corporation : ईडी की इस जांच ने न सिर्फ शासन-प्रशासन में खलबली मचा दी है, बल्कि स्वास्थ्य और मेडिकल सप्लाई से जुड़ी एजेंसियों की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों का मानना है कि इस मामले में आगे और कई बड़े खुलासे हो सकते हैं और कुछ अधिकारियों व निजी कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी भी चल रही है।













