MNREGA : रोजगार गारंटी योजना में बदलाव : नाम बदला, काम वही, कैबिनेट में आएगा नाम बदलने का प्रस्ताव

VIKASH KHALKHO

MNREGA : नई दिल्ली। केंद्र सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA) का नाम बदलने की तैयारी में है। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस फ्लैगशिप योजना का नाम बदलकर ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’ किया जा सकता है। यह प्रस्ताव केंद्रीय कैबिनेट के समक्ष रखे जाने वाले तीन बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों में से एक है, जिसमें परमाणु ऊर्जा विधेयक और उच्च शिक्षा विधेयक को भी मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

MNREGA : मनरेगा योजना क्या है?

महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (MGNREGA) एक भारतीय श्रम कानून और सामाजिक सुरक्षा उपाय है, जिसे मूल रूप से 2005 में नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट के नाम से शुरू किया गया था। यह दुनिया के सबसे बड़े कार्य गारंटी कार्यक्रमों में से एक है, जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है।

MNREGA : योजना की मुख्य विशेषताएं:

  • उद्देश्य: ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुरक्षा को बढ़ाना।
  • गारंटी: हर उस घर को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिन की गारंटीशुदा नौकरी प्रदान करना, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से तैयार हों।
  • अधिकार आधारित फ्रेमवर्क: यह योजना पुरानी गरीबी के कारणों को दूर करने के लिए ‘काम करने के अधिकार’ की कानूनी गारंटी देती है।
  • महिलाओं की भागीदारी: लाभार्थियों में कम से कम एक-तिहाई महिलाएं होनी अनिवार्य हैं।
  • समयबद्ध कार्य: किसी भी ग्रामीण वयस्क को काम मांगने के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना कानूनी गारंटी है, अन्यथा ‘बेरोजगारी भत्ता’ दिया जाता है।
  • विकेंद्रीकरण: कार्यों की योजना और कार्यान्वयन में पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ग्राम सभाओं को काम की सिफारिश करने का अधिकार है और कम से कम 50% काम उन्हीं के द्वारा किया जाना चाहिए।

MNREGA : 2022-23 तक, MGNREGA के तहत 15.4 करोड़ सक्रिय श्रमिक (एक्टिव वर्कर) पंजीकृत हैं। सरकार द्वारा इस योजना का नाम बदलने की तैयारी महात्मा गांधी के प्रति सम्मान व्यक्त करने के एक नए तरीके के रूप में देखी जा रही है, जबकि योजना के मूल उद्देश्य और लाभों को बरकरार रखा जाएगा।

Share The News
Share This Article
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *