MNREGA Bachao Sangram Korea : कोरिया। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले मनरेगा कानून को बचाने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी ने आज बैकुंठपुर के गांधी पार्क में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ का बिगुल फूंक दिया। जिला प्रभारी गुलाब कमरो और जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित इस एक दिवसीय उपवास सत्याग्रह में कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष बैठकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया और ग्रामीण मजदूरों के हितों की रक्षा का संकल्प लिया।
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने केंद्र की भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार द्वारा लागू किया गया मनरेगा कानून गरीबों का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन वर्तमान सरकार इसे खत्म करने की साजिश रच रही है। कमरो के अनुसार, फंडिंग पैटर्न में बदलाव कर राज्यों पर 40% वित्तीय बोझ डालना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ध्वस्त करने की कोशिश है। उन्होंने इसे मजदूरों के अधिकारों पर सीधा प्रहार बताया।
जिला अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने पंचायती राज व्यवस्था को कमजोर करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि निर्णय प्रक्रिया का केंद्रीकरण कर ग्राम सभाओं के अधिकार छीने जा रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए घातक है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा का बजट कम किया गया या महात्मा गांधी का नाम हटाने जैसी कोशिशें हुईं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी और पलायन की स्थिति बेकाबू हो जाएगी।
सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस ने अपनी चार प्रमुख मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। इनमें बढ़ती महंगाई को देखते हुए न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन करने, काम और मजदूरी की संवैधानिक गारंटी को बरकरार रखने, 60:40 के नए वित्तीय ढांचे को रद्द कर पुराना स्वरूप बहाल करने और पंचायतों को निर्णय लेने की पूर्ण स्वतंत्रता देने की मांग शामिल है।
इस विरोध प्रदर्शन में जिले के कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पदाधिकारी शामिल हुए। पीसीसी सदस्य योगेश शुक्ला, कोषाध्यक्ष अशोक जायसवाल और महामंत्री बृजवासी तिवारी सहित ब्लॉक अध्यक्षों और भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने उपवास रखकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि केंद्र सरकार ने अपनी नीतियां नहीं बदलीं, तो यह आंदोलन गांव-गांव तक पहुंचेगा।
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। सत्याग्रह में मुख्तार अहमद, बंस गोपाल, सुरेश सिंह, राजीव गुप्ता और अन्य कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कांग्रेस का कहना है कि यह लड़ाई केवल एक पार्टी की नहीं, बल्कि उन करोड़ों ग्रामीण परिवारों की है जिनकी आजीविका मनरेगा पर टिकी है।













