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market prices fell : बड़वानी में केला किसानों की बदहाली, बाजार में गिरे दामों से करोड़ों की फसल बर्बाद

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market prices fell : बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में केला उत्पादक किसान भारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बाजार में केले के दाम इतिहास के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं, जिसके कारण किसानों को अपनी तैयार और परिपक्व फसल को खेतों से उखाड़कर फेंकना पड़ रहा है। जिले के कई गांवों में किसान अपनी उपज को मवेशियों को खिलाने और सड़कों पर फेंकने को मजबूर हैं। इस चिंताजनक स्थिति ने क्षेत्र के banana belt कहे जाने वाले इलाकों में हाहाकार मचा दिया है।

market prices fell :बड़वानी जिला प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख केला उत्पादन केंद्रों में गिना जाता है। यहां से हर साल लाखों टन केला दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान सहित कई राज्यों में भेजा जाता है। बड़े ब्रांड और निर्यातक कंपनियां भी यहीं से खरीद करती हैं। लेकिन इस बार व्यापारी किसानों को मात्र ₹2 प्रति किलो का भाव दे रहे हैं, जबकि केले की उत्पादन लागत ₹5 से ₹6 प्रति किलो तक आती है। दामों में आई इस भारी गिरावट ने किसानों की कमर तोड़ दी है।

market prices fell : ग्राम पीपलूद के किसान प्रमोद नागौर ने बताया कि उन्होंने 7 एकड़ खेत में केले की खेती की थी, लेकिन लागत नहीं निकलने की स्थिति में उन्हें पूरी फसल उखाड़नी पड़ी। उन्होंने बताया कि 20 मजदूरों को लगाकर खेत खाली करवाना पड़ा, जबकि प्रति मजदूर ₹400 प्रतिदिन का खर्च भी अलग से उठाना पड़ा। प्रमोद नागौर के अनुसार, “बाजार में ₹2 किलो भाव—इससे तो मजदूरी भी नहीं निकलती। मजबूरी में फसल फेंकना पड़ रहा है।”

इसी तरह, ग्राम बगूद के किसान अनिल जाट ने बताया कि बड़वानी के किसानों की हालत बेहद खराब है। लागत बढ़ गई है, लेकिन भाव इतने गिर गए कि किसान लाखों रुपए के नुकसान में चले गए हैं। उन्होंने कहा कि कई किसान फसल को खेतों में ही सड़ने दे रहे हैं, कुछ उसे मवेशियों को खिला रहे हैं, जबकि कुछ इसे खाद बनाने में लगा रहे हैं। “व्यापारी खुलेआम किसानों का शोषण कर रहे हैं। ₹2 किलो भाव में कोई भी किसान कैसे जिंदा रह सकता है?” — अनिल जाट का दर्द छलका।

market prices fell : किसानों ने सरकार से मांग की है कि केले के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया जाए और जरूरत पड़ने पर सरकारी खरीद केंद्र खोले जाएं। किसानों का कहना है कि यदि स्थिति ऐसी ही रही तो आने वाले दिनों में केला उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। फिलहाल किसान नुकसान की भरपाई के लिए खेतों को साफ कर डॉलर चना बोने की तैयारी कर रहे हैं। संकटग्रस्त किसानों को शासन-प्रशासन से तत्काल राहत की उम्मीद है, ताकि उनकी मेहनत और फसल दोनों बर्बाद न हों।

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VIKASH KHALKHO
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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

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