Sunday, September 27, 2026
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Congress Reshuffle News: छत्तीसगढ़ से लेकर उत्तर प्रदेश तक मचेगी राजनीतिक हलचल, कांग्रेस आलाकमान जल्द बदलेगा संगठन का ढांचा

Congress Reshuffle News: रायपुर। आगामी विधानसभा और आम चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस आलाकमान ने संगठन को धरातल पर मजबूत करने और आंतरिक गुटबाजी को थामने के लिए एक बड़े फेरबदल की तैयारी पूरी कर ली है। एआईसीसी (AICC) के विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टी के चार राष्ट्रीय महासचिवों की संगठन से छुट्टी हो सकती है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ समेत छह से सात राज्यों के प्रदेश प्रभारियों को भी बदला जाना तय माना जा रहा है। इस बड़े बदलाव का सीधा असर छत्तीसगढ़ की स्थानीय राजनीति पर भी देखने को मिलेगा।

छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट की विदाई तय

इसके अलावा, संगठन से जिन प्रभारियों को हटाए जाने की अटकलें तेज हैं, उनमें छत्तीसगढ़ के मौजूदा प्रभारी सचिन पायलट का नाम भी शामिल है। पायलट के साथ-साथ हरियाणा प्रभारी बीके हरिप्रसाद, महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला, तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडंकर और राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को भी उनके मौजूदा प्रभार से मुक्त किया जाएगा। दरअसल, कई नेताओं को उनके गृह राज्यों में नई संवैधानिक और सांगठनिक जिम्मेदारियां मिल चुकी हैं, जिसके कारण अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अब नए और ऊर्जावान चेहरों को इन चुनावी राज्यों की कमान सौंपना चाहती है।

राष्ट्रीय सचिवों की फौज में मचेगी भारी छंटनी

इसके साथ ही, कांग्रेस के केंद्रीय संगठन में राष्ट्रीय सचिवों के पदों पर भी भारी कैंची चलने वाली है। वर्तमान में एआईसीसी में कुल 62 राष्ट्रीय सचिव कार्यरत हैं, जिनमें से करीब 26 सचिवों की छुट्टी की तैयारी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि निष्क्रिय और उम्मीदों पर खरा न उतरने वाले पदाधिकारियों को हटाकर जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट किया जाएगा, ताकि राज्यों में समन्वय को और बेहतर बनाया जा सके।

यूपी, पंजाब और दिल्ली में नए प्रदेश अध्यक्ष

हालांकि, इस महा-बदलाव के तहत केवल प्रभारी ही नहीं, बल्कि दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों को भी बदला जा सकता है। विशेष रूप से पंजाब और उत्तर प्रदेश में अगले साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए इन राज्यों में अध्यक्षों का बदलाव बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी इसके जरिए अंदरूनी कलह को शांत कर एक नई चुनावी रणनीति के साथ जनता के बीच जाने का खाका तैयार कर रही है।

आलाकमान के फैसले पर टिकी निगाहें

अंततः, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने भी संकेत दिए हैं कि संगठन और मंत्रिमंडल में विस्तार अथवा बदलाव का पूरा अधिकार क्षेत्र केवल और केवल कांग्रेस आलाकमान के पास सुरक्षित है। रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के तमाम बड़े कांग्रेसी दिग्गजों की निगाहें अब नई दिल्ली से जारी होने वाली आधिकारिक सूची पर टिकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फेरबदल के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस में भी नए समीकरण बनते दिखाई देंगे।

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