Mahasamund News: महासमुंद/बसना। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था से जुड़े एक सहकारी समिति में सेल्समैन की नियुक्ति को लेकर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप सामने आया है। बसना तहसील के टांगापासा धान खरीदी केंद्र में विक्रेता पद पर नियुक्ति के एवज में 2.50 लाख रुपये नकद मांगने का आरोप समिति अध्यक्ष पर लगाया गया है। मामले में सबसे अहम बात यह है कि शिकायतकर्ता ने कथित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी अधिकारियों को सौंपी है। शिकायत सामने आने के बाद सहकारिता विभाग की नियुक्ति प्रक्रिया और समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
शिकायतकर्ता टांगापासा निवासी दुलेश पटेल ने कलेक्टर महासमुंद और उप पंजीयक सहकारिता को लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। दुलेश के मुताबिक, उसने ग्रामीण सेवा साख सहकारी समिति सरकंडा के अंतर्गत धान खरीदी केंद्र टांगापासा में रिक्त सेल्समैन/विक्रेता पद के लिए नियमानुसार आवेदन किया था। आरोप है कि नियुक्ति के लिए समिति अध्यक्ष संतोष नायक ने उससे 2 लाख 50 हजार रुपये नकद देने की मांग की।
Mahasamund News: पैसे नहीं देने पर नियुक्ति रद्द करने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उसने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो उसे नियुक्ति नहीं मिलने और पद किसी दूसरे व्यक्ति को दिए जाने की बात कही गई। दुलेश का दावा है कि उस पर रकम की व्यवस्था करने के लिए दबाव बनाया गया।
मामले में शिकायतकर्ता ने कथित बातचीत को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद ऑडियो रिकॉर्डिंग को पेन ड्राइव में सुरक्षित कर कलेक्टर और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को सौंपा गया। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की है कि ऑडियो की तकनीकी जांच कराकर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जाए।
सीएम हेल्पलाइन में भी पहुंचा मामला
सेल्समैन पद पर नियुक्ति को लेकर लगाए गए इन आरोपों की शिकायत सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 पर भी दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि नियुक्ति प्रक्रिया में पैसे की मांग की गई है, तो यह सहकारिता विभाग के नियमों और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
कलेक्टर और उप पंजीयक से कार्रवाई की मांग
दुलेश पटेल ने अपने ज्ञापन में पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही समिति अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटाने और यदि आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने अधिकारियों को उपलब्ध कराए गए ऑडियो और अन्य दस्तावेजों को जांच का आधार बनाने की अपील की है। अब इस मामले में प्रशासन और सहकारिता विभाग की जांच महत्वपूर्ण होगी। ऑडियो रिकॉर्डिंग में क्या बातचीत हुई, वास्तव में पैसे की मांग किस संदर्भ में की गई और नियुक्ति प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता हुई या नहीं, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।
इस ऑडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि निशानेबाज न्यूज नहीं करता है। ऑडियो रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसी या सक्षम अधिकारी द्वारा जांच के बाद ही हो सकेगी।

Mahasamund News: जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

Mahasamund News: फिलहाल रिश्वत मांगने का आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाया गया है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही होगी। यदि ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों से आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित समिति पदाधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। वहीं, आरोप गलत पाए जाने की स्थिति में मामले की तस्वीर अलग होगी। ऐसे में प्रशासनिक जांच ही इस पूरे प्रकरण की वास्तविकता तय करेगी।





