Tikamgarh Marwadi Family Tradition: जहां दुनिया जलाती है पुतले, वहीं इस अनोखे परिवार में दशहरे के दिन होती है रावण की पूजा

VIKASH KHALKHO

रिपोर्ट: जमील खान-टीकमगढ़। Nishaanebaz.com-Tikamgarh Marwadi Family Ravan Pujan: देश भर में विजयादशमी के पावन पर्व पर बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में रावण के विशाल पुतले दहन किए जाते हैं, आतिशबाजी होती है और उत्सव मनाया जाता है। लेकिन, मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से एक बेहद अनूठी और हैरान कर देने वाली परंपरा सामने आई है। टीकमगढ़ में रहने वाला एक मारवाड़ी परिवार ऐसा है, जो पुतला जलाने के विपरीत दशहरे के दिन रावण की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करता है। परिवार में पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और अटूट विश्वास के साथ निभाई जा रही है।

शाम सात बजे की जाती है विशेष पूजा-अर्चना

प्राप्त जानकारी के अनुसार, टीकमगढ़ शहर में निवास करने वाले इस मारवाड़ी परिवार में हर साल विजयादशमी के दिन शाम ठीक सात बजे रावण की पूजा का अनुष्ठान किया जाता है। परिवार के सभी सदस्य एक स्थान पर एकत्रित होते हैं और पूरे विधि-विधान से दीपक प्रज्वलित कर रावण की पूजा करते हैं। इस दौरान परिवार के लोग क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करते हैं।

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“रावण केवल बुराई का प्रतीक नहीं, बल्कि महाविद्वान था”

परिवार के सदस्य दीपक अग्रवाल ने इस अनूठी परंपरा के बारे में बताते हुए कहा कि उनके यहां हर साल रावण की पूजा बड़े ही धूमधाम और पारंपरिक तरीके से की जाती है। यह परंपरा उनके परिवार में लंबे समय से चली आ रही है और आधुनिक दौर में भी इसे पूरी निष्ठा से निभाया जा रहा है। दीपक अग्रवाल का मानना है कि रावण को केवल अहंकार और बुराई के प्रतीक रूप में ही नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि वह वेदों के ज्ञाता, प्रकांड पंडित और अत्यंत बुद्धिमान व्यक्ति भी थे। इसी गहरी मान्यता और विद्वता के प्रति सम्मान के चलते उनका परिवार रावण की पूजा करता है।

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शहरभर में चर्चा का विषय बनी है यह अनोखी प्रथा एक तरफ जहां पूरा शहर और देश रावण दहन की रोशनी में सराबोर रहता है, वहीं टीकमगढ़ के इस मारवाड़ी परिवार की यह अनोखी पूजा लोगों के बीच भारी कौतूहल और चर्चा का विषय बनी हुई है। समाज और संस्कृति के जानकारों के बीच भी यह परंपरा अपने आप में एक अलग मिसाल पेश करती है, जो यह दर्शाती है कि आस्था और दृष्टिकोण के अपने अलग-अलग आयाम हो सकते हैं।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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