[nishaanebaz.com] MP Crime: आगर मालवा। मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले के सुसनेर में सड़क हादसे की आड़ में हत्या की कथित साजिश का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, पुरानी रंजिश के चलते बाइक सवार विक्रम सिंह सौंधिया को रास्ते से हटाने के लिए ट्रक से एक्सीडेंट कराने की सुपारी दी गई थी। इस काम के लिए 5 लाख रुपये में सौदा तय होने की बात सामने आई है। मामले में पुलिस ने ट्रक चालक समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
23 अगस्त को बाइक सवार को ट्रक ने मारी थी टक्कर
पुलिस के अनुसार, 23 अगस्त को ग्राम बड़िया जोड़ स्थित पेट्रोल पंप के सामने बाइक सवार विक्रम सिंह सौंधिया को ट्रक ने टक्कर मार दी थी। हादसे के बाद विक्रम सिंह ने पुलिस के सामने आशंका जताई थी कि यह सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि उसे जान से मारने की कोशिश हो सकती है।पीड़ित की आशंका को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और घटना से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की।
CCTV और तकनीकी जांच से खुली साजिश की परतें
जांच के दौरान पुलिस को ट्रक क्रमांक RJ-17-GB-3330 की गतिविधियों पर संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने ट्रक चालक और उससे जुड़े लोगों से पूछताछ की। पूछताछ में चालक शंकर यादव की भूमिका सामने आने का दावा पुलिस ने किया है।पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में शंकर यादव ने पैसों के लालच में विक्रम सिंह को ट्रक से टक्कर मारने की बात स्वीकार की। इसके बाद जांच आगे बढ़ाई गई तो इस कथित साजिश के पीछे पुरानी रंजिश का मामला सामने आया।
पुरानी रंजिश में 5 लाख रुपये में तय हुआ था सौदा
पुलिस जांच में सामने आया कि ग्राम खजुरी निवासी अर्जुन की विक्रम सिंह से पुरानी रंजिश थी। आरोप है कि अर्जुन ने इसी रंजिश के चलते विक्रम सिंह को रास्ते से हटाने के लिए तुलसीराम यादव से संपर्क किया।पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच विक्रम सिंह का एक्सीडेंट कराने के लिए 5 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद तुलसीराम यादव ने कथित तौर पर इस साजिश में अन्य लोगों को भी शामिल किया और ट्रक के जरिए घटना को अंजाम देने की योजना बनाई गई।
दो चरणों में हुई पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी
मामले की जांच के बाद पुलिस ने पहले 31 अगस्त की रात ट्रक चालक शंकर यादव और ट्रक मालिक विजय को गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस को साजिश में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी मिली।इसके बाद पुलिस ने 1 सितंबर को तुलसीराम यादव, राहुल और अर्जुन को भी गिरफ्तार कर लिया। इस तरह पुलिस ने मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कोर्ट ने सभी आरोपियों को जेल भेजा
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पांचों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया। कोर्ट से सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले में सामने आए साक्ष्यों और आरोपियों की भूमिका के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, पूछताछ और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ा गया। सड़क हादसे के रूप में सामने आई घटना के पीछे हत्या की कथित साजिश का खुलासा होने के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।





