रीवा। Nishaanebaz.com-Rewa Model School Scandal: मध्य प्रदेश के रीवा जिले स्थित शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (मॉडल स्कूल) में पदस्थ व्याख्याता श्यामाचरण उपवंशी लोधी की कार्यप्रणाली को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विद्यालय के विद्यार्थियों और छात्र प्रतिनिधियों ने संबंधित शिक्षक पर भ्रष्टाचार, अवैध निजी कोचिंग संचालन, विद्यार्थियों का मानसिक व आर्थिक शोषण करने और संबल योजना की छात्रवृत्ति राशि हड़पने के गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। छात्र प्रतिनिधियों ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) रीवा को औपचारिक ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराने और आरोपी शिक्षक को तत्काल निलंबित करने की मांग की है।
नियम विरुद्ध अवैध कोचिंग संचालन और फेल करने की धमकी छात्रों ने आरोप लगाया है कि व्याख्याता श्यामाचरण उपवंशी लोधी पिछले कई वर्षों से शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 28 और मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए गैर-कानूनी तरीके से निजी कोचिंग संस्थान का संचालन कर रहे हैं। विद्यालय के 12वीं कृषि संकाय के विद्यार्थियों पर उनकी ही निजी कोचिंग में पढ़ने का भारी दबाव बनाया जाता है।
रीवा के मॉडल स्कूल के व्याख्याता पर अवैध कोचिंग संचालन, छात्रों को धमकाने और संबल छात्रवृत्ति राशि रोकने के आरोप लगे। विद्यार्थियों ने DEO को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।
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जो छात्र उनकी कोचिंग ज्वाइन नहीं करते, उन्हें आंतरिक मूल्यांकन (इंटरनल मार्क्स) और प्रैक्टिकल परीक्षाओं में फेल करने की खुली धमकी दी जाती है। स्थिति यह है कि परीक्षा के दौरान छात्रों से जबरन यह आवेदन तक लिखवाया जाता है कि “हम किसी निजी कोचिंग में नहीं पढ़ते हैं।”
संबल योजना की स्कॉलरशिप हड़पने और गबन का अंदेशा छात्रों का सबसे बड़ा आरोप है कि वर्ष 2018 से लेकर अब तक संबल योजना के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति (लगभग 1,500 रुपये प्रति छात्र) की राशि विद्यार्थियों को वितरित नहीं की गई है। जब छात्र अपनी स्कॉलरशिप की मांग करते हैं, तो उनसे अनैतिक रूप से कहा जाता है कि ‘आपकी स्कॉलरशिप राशि कोचिंग फीस के रूप में काट ली गई है’।
जो छात्र उनकी कोचिंग नहीं भी पढ़ते, उनकी भी स्कॉलरशिप राशि वापस नहीं लौटाई जाती है। इस प्रकार लगभग 200 से 300 छात्र इस आर्थिक व मानसिक शोषण का शिकार हुए हैं, जिससे लाखों रुपये के गबन का अंदेशा जताया जा रहा है। इसके अलावा, शिक्षक पर पद का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपनी पत्नी को विद्यालय में अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्त कराने का भी गंभीर आरोप है।
छात्रों की कड़ी चेतावनी—जल्द हो कार्रवाई वरना होगा उग्र आंदोलन आवेदक छात्र रिषु तिवारी, पशुपतिनाथ पांडे और अन्य विद्यार्थियों ने जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष स्पष्ट मांग रखी है कि—
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मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तत्काल उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया जाए।
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जांच पूरी होने तक आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर सेवामुक्त किया जाए।
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प्रभावित सभी छात्रों को उनकी रोकी गई संबल योजना की छात्रवृत्ति राशि ब्याज सहित वापस दिलाई जाए।
छात्रों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने जल्द से जल्द इस मामले में ठोस और कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।


