[Nishaanebaz News] MP Toll Pass: भोपाल। मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों से नियमित रूप से सफर करने वाले निजी वाहन मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। अब टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों को लोकल टोल पास बनवाने के लिए बार-बार टोल कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI ने स्थानीय वाहन मालिकों के लिए ऑनलाइन लोकल पास की सुविधा शुरू करने का आदेश जारी किया है।
नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी और गैर-व्यावसायिक वाहन मालिक राजमार्ग यात्रा मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे लोकल पास के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए टोल कार्यालय में जाकर कागजी दस्तावेज जमा कराने की अनिवार्यता भी नहीं होगी।
पहले चरण में MP के 10 टोल प्लाजा शामिल
एनएचएआई ने पहले चरण में देशभर के 121 टोल प्लाजा को इस ऑनलाइन लोकल पास व्यवस्था में शामिल किया है। इनमें मध्य प्रदेश के भी 10 टोल प्लाजा शामिल हैं। यह सुविधा प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, छिंदवाड़ा, हरदा, सीहोर और देवास समेत कई प्रमुख मार्गों से जुड़े स्थानीय वाहन मालिकों को मिलेगी।नई व्यवस्था से खासतौर पर उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें नौकरी, व्यापार, खेती या अन्य रोजमर्रा के कामों के लिए नियमित रूप से टोल प्लाजा पार करना पड़ता है।
राजमार्ग यात्रा ऐप से होगा ऑनलाइन आवेदन
लोकल पास बनवाने के लिए वाहन मालिकों को राजमार्ग यात्रा मोबाइल ऐप के माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है, जिससे लोगों को टोल कार्यालय में दस्तावेज जमा कराने के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।आवेदन के दौरान वाहन और आवेदक से जुड़ी आवश्यक जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। इसके बाद संबंधित दस्तावेजों और पात्रता का डिजिटल माध्यम से सत्यापन किया जाएगा।
डिजीलॉकर और वाहन पोर्टल से होगा सत्यापन
एनएचएआई के नए आदेश के अनुसार, आवेदकों के पते और वाहन से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन डिजीलॉकर और वाहन पोर्टल के उपलब्ध डेटा के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही वाहन के फास्टैग से जुड़ी जानकारी की भी जांच की जाएगी।इस सुविधा का लाभ केवल उन्हीं गैर-व्यावसायिक वाहनों के मालिकों को मिलेगा, जो निर्धारित शर्तों के अनुसार संबंधित टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में आते हैं।
जीआईएस तकनीक से होगी दूरी की जांच
ऑनलाइन आवेदन करने के बाद वाहन मालिक के पते और टोल प्लाजा के बीच की दूरी की जांच जीआईएस तकनीक से की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आवेदक वास्तव में निर्धारित 20 किलोमीटर की सीमा के भीतर आता है या नहीं।यदि जांच के दौरान वाहन मालिक या आवेदक का पता निर्धारित दायरे से बाहर पाया जाता है, तो उसका लोकल पास आवेदन रद्द किया जा सकता है। इस डिजिटल व्यवस्था से पात्रता जांच में पारदर्शिता आने की उम्मीद है।
इन 10 टोल प्लाजा के लिए शुरू हुई सुविधा
पहले चरण में मध्य प्रदेश के जिन प्रमुख टोल प्लाजा को इस व्यवस्था में शामिल किया गया है, उनमें छेगांव माखन टोल प्लाजा, चिखलीकला टोल प्लाजा, केलवद टोल प्लाजा, कचनारिया टोल प्लाजा, कुंडी टोल प्लाजा, मंडवाड़ा टोल प्लाजा, आष्टा क्षेत्र का टोल प्लाजा, शाहपुरा-भिटोनी मार्ग का टोल प्लाजा, सोनकच्छ क्षेत्र का टोल प्लाजा और औबेदुल्लागंज मार्ग से जुड़ा टोल प्लाजा शामिल है।इन टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिक ऑनलाइन आवेदन कर लोकल पास की सुविधा का लाभ ले सकेंगे।
मासिक शुल्क देकर कर सकेंगे नियमित आवागमन
लोकल पास के लिए वाहन मालिकों को निर्धारित मासिक शुल्क का भुगतान करना होगा। पास जारी होने के बाद वाहन मालिक नियमों और निर्धारित अवधि के अनुसार टोल प्लाजा से कई बार आवागमन कर सकेंगे।एनएचएआई की इस नई पहल से स्थानीय लोगों को समय और कागजी प्रक्रिया दोनों से राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर रोजाना टोल पार करने वाले वाहन मालिकों के लिए ऑनलाइन लोकल पास व्यवस्था काफी सुविधाजनक साबित हो सकती है।अब वाहन मालिकों को केवल यह सुनिश्चित करना होगा कि वे पात्रता की शर्तों को पूरा करते हों और उनका पता संबंधित टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के निर्धारित दायरे में आता हो।





