[nishaanebaz.com] MP Crime: मऊगंज। मध्य प्रदेश के मऊगंज में सर्राफा कारोबारियों को निशाना बनाकर ठगी करने वाले एक कथित अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य सर्राफा दुकानों पर असली चांदी के जेवर खरीदते थे और भुगतान के समय बदले में नकली गिलेट धातु के आभूषण देकर फरार होने की कोशिश करते थे। लेकिन मऊगंज के ग्राम पटेहरा में दुकानदार की सतर्कता से उनका पूरा खेल बिगड़ गया।
मामले में पुलिस ने चार महिलाओं समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 60 ग्राम असली चांदी, 180 ग्राम नकली गिलेट के आभूषण, 14 हजार 800 रुपये नकद और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अब गिरोह के पुराने मामलों और इसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
60 ग्राम चांदी के जेवर खरीदने पहुंची थीं चार महिलाएं
पुलिस के अनुसार, घटना 5 सितंबर को ग्राम पटेहरा स्थित एक सर्राफा दुकान की है। यहां चार महिलाएं पहुंचीं और उन्होंने करीब 60 ग्राम वजन के नए चांदी के आभूषण खरीदे। इन जेवरों की कीमत लगभग 14 हजार 800 रुपये बताई गई।जेवर खरीदने के बाद भुगतान के दौरान महिलाओं ने दुकानदार को करीब 180 ग्राम पुराने चांदी के आभूषण दिए। महिलाओं की ओर से दिए गए जेवर वजन में ज्यादा थे, लेकिन दुकानदार को उनकी शुद्धता और धातु को लेकर संदेह हुआ।
जांच में खुली नकली गिलेट के जेवर की पोल
दुकानदार ने बिना जल्दबाजी किए पुराने आभूषणों की जांच कराई। जांच के दौरान पता चला कि जिन्हें महिलाएं असली चांदी के पुराने जेवर बताकर दे रही थीं, वे वास्तव में नकली गिलेट धातु के आभूषण थे।इसके बाद दुकानदार को आशंका हुई कि महिलाएं असली चांदी के नए जेवर लेकर बदले में नकली धातु के आभूषण देकर ठगी करने की कोशिश कर रही हैं। मामला सामने आते ही पुलिस को सूचना दी गई।
डायल-112 की मदद से शुरू हुई घेराबंदी
सूचना मिलते ही पुलिस ने डायल-112 की मदद से इलाके में घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस को आशंका थी कि आरोपी महिलाएं वारदात के बाद इलाके से बाहर निकलने की कोशिश कर सकती हैं।पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मिर्जापुर जाने वाली बस से प्रियंका सोनी और गुंजा सोनी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं एक अन्य आरोपी ललिता सोनी को ग्राम पटेहरा से पकड़ा गया।पूछताछ और जांच को आगे बढ़ाने पर पुलिस को गिरोह के दो अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी मिली।
जांच आगे बढ़ी तो गिरोह के दो और सदस्य गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रमिता चौरसिया और उसके भाई मोहचंद्र चौरसिया को भी गिरफ्तार कर लिया। इस तरह मामले में कुल पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए।पुलिस अब सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह किस तरह सर्राफा दुकानों की पहचान करता था और असली चांदी के बदले नकली गिलेट के जेवर देने की योजना किस तरह बनाई जाती थी।
असली चांदी, नकली जेवर और नकदी बरामद
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए गए हैं। इनमें—
- करीब 60 ग्राम असली चांदी
- करीब 180 ग्राम नकली गिलेट के आभूषण
- 14,800 रुपये नकद
- चार मोबाइल फोन
शामिल हैं।
बरामदगी के बाद पुलिस ने जब्त सामान को जांच में शामिल कर लिया है। मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है, ताकि आरोपियों के संपर्क और उनके संभावित नेटवर्क के बारे में जानकारी मिल सके।
MP-UP तक जुड़े होने की बात, पुराने मामलों की जांच
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में गिरोह के तार मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इससे पहले भी इसी तरीके से दूसरे सर्राफा कारोबारियों को निशाना बनाया था या नहीं।जांच एजेंसियां आरोपियों की पिछली गतिविधियों, मोबाइल संपर्क और आने-जाने के रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटा सकती हैं, ताकि गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
दुकानदार की सतर्कता से बची बड़ी ठगी
इस मामले में सर्राफा दुकानदार की सतर्कता अहम रही। यदि दुकानदार ने पुराने आभूषणों की शुद्धता की जांच नहीं कराई होती तो आरोपी असली चांदी के जेवर लेकर नकली आभूषण देकर आसानी से निकल सकते थे।समय रहते धातु की जांच होने से ठगी की कोशिश का खुलासा हो गया और पुलिस को सूचना देकर आरोपियों की घेराबंदी की जा सकी।
पुलिस खंगाल रही गिरोह का पूरा नेटवर्क
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि गिरोह में कितने लोग शामिल हैं, किन-किन शहरों में इस तरह की वारदात की गई और आरोपियों ने कितने सर्राफा कारोबारियों को अपना निशाना बनाया।पुलिस यह भी पता लगा रही है कि नकली गिलेट के आभूषण कहां से तैयार या खरीदे जाते थे और उन्हें असली चांदी के जेवरों की जगह इस्तेमाल करने की योजना किस तरह बनाई जाती थी। जांच पूरी होने के बाद मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है।






