नई दिल्ली। Nishaanebaz.com-Satya Niketan Building Collapse Arrest: ईस्ट दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 6 सितंबर को हुए दर्दनाक बहुमंजिला इमारत हादसे के मुख्य आरोपी मकान मालिक हरिराम गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के बाद से फरार चल रहे हरिराम को दिल्ली पुलिस की टीम ने राजस्थान के भिवाड़ी से घेराबंदी कर दबोचा। पुलिस टीम आरोपी को हिरासत में लेकर दिल्ली आ रही है, जहां उससे हादसे की लापरवाही और अवैध निर्माण के संबंध में कड़ी पूछताछ की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि 6 सितंबर को सत्य निकेतन स्थित एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। इस इमारत में पेइंग गेस्ट (PG) चलाया जा रहा था, जिसमें कई छात्र रहते थे। इस भयानक हादसे में अब तक 7 लोगों की दुखद मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हैं। मौके पर राहत व बचाव कार्य अभी भी जारी है।
हादसे के बाद से फरार था मकान मालिक, कई राज्यों में छापेमारी
सत्य निकेतन में इमारत ढहने के बाद से ही दिल्ली पुलिस हरिराम गुप्ता की तलाश में जुटी हुई थी। हादसे के तुरंत बाद पुलिस की टीम ने उसके पालम विहार स्थित आवास पर दबिश दी थी, लेकिन वह मौके से फरार हो गया था। पुलिस को आशंका थी कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में ताबड़तोड़ छापेमारी की और अंततः उसे राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार कर लिया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कड़ा एक्शन: 5 वरिष्ठ अधिकारी निलंबित
इस भीषण हादसे और प्रशासनिक लापरवाही का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने मामले में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में MCD के 5 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबित अधिकारियों में MCD साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर शामिल
निलंबित किए गए अधिकारियों में MCD साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, साउथ जोन के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर (SE) रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (बिल्डिंग) ललित कुमार, असिस्टेंट इंजीनियर (बिल्डिंग) सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग) आशीष कुमार शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






