Indore Ravan Dahan: इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में दशहरे से ठीक एक दिन पहले ऐसा हादसा हुआ, जिसने रावण दहन कार्यक्रम के आयोजकों की चिंता बढ़ा दी। इंद्रपुरी कॉलोनी में दशहरे के लिए तैयार किया गया रावण का विशाल पुतला आंखों की लाइट टेस्टिंग के दौरान अचानक लगी आग में जलकर राख हो गया। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के कारण पुतले में आग लगी और देखते ही देखते लपटों ने पूरे पुतले को अपनी चपेट में ले लिया। करीब 10 दिनों की मेहनत से तैयार किए गए पुतले को इस तरह जलता देखकर मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
आंखों की लाइट चेक करते समय हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, इंद्रपुरी कॉलोनी में दशहरे के अवसर पर रावण दहन कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में थीं। रावण का पुतला पूरी तरह तैयार हो चुका था और उसे जलाने से पहले उसकी आंखों में लगी लाइटों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और पुतले में आग लग गई।
शुरुआत में आग छोटी दिखाई दी, लेकिन कुछ ही देर में उसने विकराल रूप ले लिया। आग तेजी से फैलती चली गई और पुतला धू-धू कर जलने लगा। मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते और आग पर काबू पाने का प्रयास करते, उससे पहले ही आग ने पूरे पुतले को अपनी चपेट में ले लिया।इस घटना के कारण दशहरे से पहले ही रावण दहन हो गया। हालांकि, यह आयोजन के तहत किया गया दहन नहीं था, बल्कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुआ हादसा था। पुतले के जलने से आयोजकों की कई दिनों की मेहनत पर पानी फिर गया।
10 दिन की मेहनत पर फिरा पानी, आयोजकों की बढ़ी चिंता
रावण का पुतला तैयार करने में आयोजकों और कारीगरों ने करीब 10 दिन तक मेहनत की थी। दशहरे के दिन भव्य कार्यक्रम के साथ रावण दहन कराया जाना था, लेकिन ऐन वक्त पर हुए इस हादसे ने पूरी योजना को प्रभावित कर दिया।
दशहरे से ठीक एक दिन पहले पुतला जल जाने के बाद आयोजकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती कार्यक्रम को निर्धारित समय पर संपन्न कराने की थी। इतने कम समय में नया पुतला तैयार करना मुश्किल था। ऐसे में आयोजकों ने वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए रेडीमेड रावण के पुतले का इंतजाम किया, ताकि दशहरे का कार्यक्रम तय योजना के अनुसार कराया जा सके।
इंद्रपुरी कॉलोनी में 32वें रावण दहन कार्यक्रम की तैयारी
इंद्रपुरी कॉलोनी में कई वर्षों से दशहरे पर रावण दहन का आयोजन किया जाता रहा है। इस बार भी यहां 32वें विशाल रावण दहन कार्यक्रम की तैयारियां की जा रही थीं। आयोजन विधायक मधु वर्मा के मार्गदर्शन में कराया जाता है और इसे लेकर स्थानीय स्तर पर उत्साह था।लेकिन कार्यक्रम से ठीक पहले पुतले में आग लगने की घटना ने आयोजकों को मुश्किल में डाल दिया। अब रेडीमेड पुतले की व्यवस्था कर कार्यक्रम को तय समय पर कराने की तैयारी की गई।
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शॉर्ट सर्किट से लगी आग, अंतिम समय की जांच बनी वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रावण की आंखों में लगी लाइटों की टेस्टिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ था। इसी वजह से पुतले में आग लगने की बात सामने आई है। हालांकि, आग लगने के सटीक तकनीकी कारणों की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।इस घटना ने बड़े आयोजनों में बिजली की फिटिंग, लाइटों और अन्य विद्युत उपकरणों की जांच के दौरान सुरक्षा इंतजामों की अहमियत को भी सामने ला दिया है। गनीमत रही कि उपलब्ध जानकारी में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। फिलहाल आयोजकों ने वैकल्पिक पुतले की व्यवस्था कर दशहरे का कार्यक्रम कराने की तैयारी की है।