CMHO Dr. Madhav Prasad Hasani Strict Directives: मूल पदस्थापना पर हाजिरी के बिना नहीं मिलेगा अक्टूबर का वेतन, सीएमएचओ इंदौर का कड़ा रुख

VIKASH KHALKHO

इंदौर। Nishaanebaz.com-Indore Health Department Updates: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के स्वास्थ्य विभाग में एक तरफ जहां लंबे समय से अटैचमेंट पर काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिरी है, वहीं दूसरी तरफ वरिष्ठ डॉक्टरों के वीआरएस (VRS) लेने की खबरों से प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने 16 अक्टूबर को आदेश जारी कर अलग-अलग जगहों पर अटैच होकर काम कर रहे 175 डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मचारियों का अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है।

भोपाल की बैठकों के बाद सख्त आदेश, बिना जॉइनिंग नहीं मिलेगा अक्टूबर का वेतन

भोपाल में 14 और 15 अक्टूबर को आयोजित उच्चस्तरीय बैठकों में मिले निर्देशों के बाद यह कड़ा कदम उठाया गया है। सीएमएचओ कार्यालय से जारी आदेश के तहत सभी 175 कर्मचारियों को अपनी मूल पदस्थापना पर तुरंत कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश सिविल सर्जन, खंड चिकित्सा अधिकारियों (BMO), अस्पताल प्रभारियों, शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं और मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक के प्रभारियों को भेज दिया गया है।

देपालपुर, मानपुर, सांवेर, हातोद और महू

सहित पूरे जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में इसका सख्ती से पालन कराया जा रहा है। आदेश में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि मूल पदस्थापना पर उपस्थिति दर्ज कराने के बाद ही अक्टूबर 2026 का वेतन आहरण हो सकेगा, और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

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वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण जड़िया लेंगे VRS, 7-8 अन्य डॉक्टर भी चर्चा में

इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बीच इंदौर के जिला अस्पताल में पदस्थ वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण जड़िया के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने का मामला सामने आया है। डॉ. जड़िया ने लगातार पीठ दर्द और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर परेशानियों को इसकी मुख्य वजह बताया है। उनका कहना है कि लंबे सफर और स्वास्थ्य कारणों से सेवाएं जारी रखना मुश्किल हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि विभाग के करीब 7 से 8 अन्य डॉक्टर और कर्मचारी भी वीआरएस लेने पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।

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सीएमएचओ की सफाई: जिला अस्पताल का नया भवन चालू होने से लिया गया फैसला

मामले में स्थिति स्पष्ट करते हुए सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि विभाग को अभी तक किसी भी डॉक्टर या कर्मचारी का आधिकारिक वीआरएस आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने अटैचमेंट रद्द करने के फैसले की वजह बताते हुए कहा कि जिला अस्पताल का नया भवन शुरू हो चुका है, जहां गायनेकोलॉजी, ऑब्सटेट्रिक्स, पीडियाट्रिक्स और SNCU (नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई) जैसी महत्वपूर्ण और आपातकालीन सेवाएं चालू की जा रही हैं। इन सेवाओं को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए ही सभी डॉक्टरों व कर्मचारियों को उनकी मूल पदस्थापना पर वापस बुलाया गया है। अब देखना होगा कि अटैचमेंट खत्म होने के बाद अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर होती है या वीआरएस की चर्चाएं विभाग के लिए नई परेशानी खड़ी करेंगी।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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