[nishaanebaz.com] Bhopal Firing: भोपाल के कजलीखेड़ा इलाके में मंगलवार-बुधवार की रात करीब 3 बजे अचानक फायरिंग से हड़कंप मच गया। आरोप है कि दो बदमाशों ने इलाके में लगातार गोलियां चलाईं। देर रात हुई इस घटना से आसपास के लोगों में डर का माहौल बन गया।
भोपाल फायरिंग की इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में कुछ लोग कथित तौर पर फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया।
शिकायत लेकर थाने पहुंचा फरियादी, FIR में देरी का आरोप
घटना के बाद फरियादी अजय बैरगी शिकायत दर्ज कराने कजलीखेड़ा थाने पहुंचा। उसका आरोप है कि पुलिस ने उसकी शिकायत तुरंत दर्ज नहीं की और उसे वापस भेज दिया गया।फरियादी के मुताबिक, फायरिंग के करीब 8 घंटे बाद FIR दर्ज की गई। इसी आरोप के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे।भोपाल फायरिंग मामले में पुलिस की ओर से हालांकि FIR दर्ज करने में लापरवाही से इनकार किया गया है। थाना प्रभारी ने कहा कि मामले में कार्रवाई नियम के अनुसार की गई।
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थाना प्रभारी और SI लाइन अटैच
मामला सामने आने के बाद DCP जोन-4 आदर्श कांत शुक्ला ने कार्रवाई की। लापरवाही के आरोप में थाना प्रभारी पल्लवी पांडे को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया।इसके साथ ही नाइट अफसर SI महेश मांझी को भी लाइन अटैच किया गया है। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई के बाद भोपाल फायरिंग केस एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
पुरानी रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा विवाद
पुलिस के अनुसार, फायरिंग की घटना के पीछे दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश होने की बात सामने आई है। वारदात का आरोप बैरागढ़ चीचली निवासी जीतू यादव पर लगाया गया है।पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में कुछ आरोपियों के जिला बदर होने की जानकारी भी सामने आई है। अब पुलिस आरोपियों की भूमिका और पूरी घटना की वजह की जांच कर रही है।
वीडियो और दूसरे सबूत जुटा रही पुलिस
भोपाल फायरिंग मामले में पुलिस वीडियो फुटेज और दूसरे सबूतों की जांच कर रही है। अधिकारियों की कोशिश है कि फायरिंग में शामिल लोगों की पहचान जल्द की जाए।इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय मौके पर कितने लोग मौजूद थे और दोनों पक्षों के बीच विवाद आखिर किस बात को लेकर शुरू हुआ था।
FIR में देरी के आरोप ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किल
फायरिंग के बाद सामने आए FIR में देरी के आरोप ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी वजह से थाना प्रभारी और नाइट ड्यूटी पर तैनात SI को लाइन अटैच किया गया है।फिलहाल पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी और फायरिंग के पीछे की पूरी वजह सामने आने के बाद तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।





