[nishaanebaz.com] MP E Bus Service: मध्यप्रदेश| मध्य प्रदेश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सिटी बस सेवा के बाद अब इलेक्ट्रिक बसों की नई ग्रीन मोबिलिटी सेवा शुरू करने की तैयारी है। इस योजना से इंदौर से भोपाल, उज्जैन, मांडू समेत कई शहरों तक यात्रियों का सफर आसान हो सकता है।
इंदौर से शुरू होगी ग्रीन मोबिलिटी की नई सेवा
मध्य प्रदेश में यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में सफर का तरीका बदल सकता है। इंदौर और आसपास के धार्मिक व पर्यटन स्थलों को जोड़ने के लिए नई ग्रीन मोबिलिटी बस सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है।इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड यानी आईएमसीटीएसएल ने इंदौर रीजन में करीब 26 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना तैयार की है। इन बसों का संचालन निजी ऑपरेटरों को सौंपा जाएगा।ऑपरेटर सिर्फ बसें चलाने का काम नहीं करेंगे, बल्कि लंबे समय तक बसों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। मौजूदा योजना के अनुसार करीब 8 साल तक बसों के संचालन और मेंटेनेंस की व्यवस्था रखी जाएगी।
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भोपाल और उज्जैन के लिए सबसे ज्यादा बसें
इस योजना में इंदौर को प्रदेश के कई प्रमुख शहरों से जोड़ने की तैयारी है। इंदौर-भोपाल रूट पर 8 बसें चलाने का प्रस्ताव है। वहीं इंदौर से उज्जैन के लिए 6 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है।इंदौर से मांडू के लिए 2 बसें प्रस्तावित हैं। जबकि इंदौर-खरगोन-खंडवा रूट पर सबसे ज्यादा 8 बसें चलाने की तैयारी है। इंदौर से सेंधवा के लिए 2 बसें प्रस्तावित हैं।इस तरह पहले चरण में कुल 26 इलेक्ट्रिक बसें इन पांच रूट पर दौड़ सकती हैं।
किस रूट पर कितनी ई-बसें?
| रूट | प्रस्तावित बसें |
|---|---|
| इंदौर-भोपाल | 8 |
| इंदौर-उज्जैन | 6 |
| इंदौर-मांडू | 2 |
| इंदौर-खरगोन-खंडवा | 8 |
| इंदौर-सेंधवा | 2 |
| कुल | 26 |
ऑनलाइन टिकट से लेकर आधुनिक सुविधा तक
नई MP ई-बस सेवा में यात्रियों को सिर्फ इलेक्ट्रिक बसों का फायदा ही नहीं मिलेगा, बल्कि कई आधुनिक सुविधाएं भी देने की तैयारी है।बसों में यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखा जाएगा। इसके साथ ही ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे यात्रियों को बस में सफर करने से पहले टिकट लेने में आसानी होगी।धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली इस सेवा से उन लोगों को भी फायदा मिल सकता है, जो इंदौर से उज्जैन, मांडू और दूसरे शहरों की यात्रा करते हैं।
नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल पर होगा संचालन
इन बसों को नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल के तहत चलाने की योजना है। इसके तहत ऑपरेटरों को तय रूट दिए जाएंगे और वे बसों के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे।योजना का मकसद सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना भी है। पेट्रोल और डीजल से चलने वाली बसों के मुकाबले इलेक्ट्रिक बसों को पर्यावरण के लिहाज से बेहतर विकल्प माना जाता है।
CM परिवहन सेवा में भी आगे बढ़ा काम
मध्य प्रदेश में सिर्फ ग्रीन मोबिलिटी सेवा पर ही काम नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री परिवहन सेवा के तहत भी दूर के शहरों को जोड़ने की तैयारी चल रही है।20 से ज्यादा रूट के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई जा रही है। इनमें इंदौर से सागर, जबलपुर, शहडोल और बालाघाट जैसे शहरों को जोड़ने वाले रूट भी शामिल हैं।इन रूट पर बसों के संचालन के लिए ऑपरेटरों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
PM ई-बस सेवा का भी होगा विस्तार
मध्य प्रदेश में PM ई-बस सेवा का दायरा भी बढ़ाने की तैयारी है। इंदौर और उज्जैन संभागों में कुल 170 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें चलाने का प्लान बनाया गया है।इंदौर में सिटी बस सेवा के 14 रूट पर PM ई-बस सेवा शुरू हो चुकी है। आने वाले समय में करीब 150 और बसें चलाने की योजना है।इससे इंदौर और आसपास के इलाकों में सार्वजनिक परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ेगी। आने वाले समय में ग्रीन मोबिलिटी और PM ई-बस सेवा मिलकर शहर और दूसरे प्रमुख इलाकों के बीच कनेक्टिविटी को नया रूप दे सकती हैं।





