Sunday, August 23, 2026
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MP News: भिंड में बिना डिग्री क्लीनिक चलाने का आरोप, इलाज के बाद 22 वर्षीय युवक की मौत; BJP मंडल अध्यक्ष पर गंभीर सवाल

[Nishaanebaz News] MP News:प्रदीप शर्मा\ भिंड। जिले के रौन क्षेत्र से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। मेहगांव विधानसभा के रौन मंडल के भाजपा मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह पर बिना मान्य मेडिकल डिग्री के कथित तौर पर क्लीनिक संचालित करने और मरीजों का इलाज करने के आरोप लगे हैं। मामला उस समय गंभीर हो गया, जब पेट दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे 22 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान हालत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।

मृतक के परिजनों ने क्लीनिक संचालक पर इलाज में लापरवाही और बिना चिकित्सकीय योग्यता के उपचार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, युवक की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पेट दर्द की शिकायत लेकर क्लीनिक पहुंचा था युवक

जानकारी के अनुसार, रौन क्षेत्र निवासी 22 वर्षीय विश्वास सिंह शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे पेट दर्द की शिकायत लेकर एक निजी क्लीनिक पहुंचा था। आरोप है कि यह क्लीनिक भाजपा मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह द्वारा संचालित किया जा रहा था।परिजनों का दावा है कि क्लीनिक संचालक के पास चिकित्सा की मान्य डिग्री नहीं होने के बावजूद वह मरीजों का इलाज कर रहा था। विश्वास सिंह के पहुंचने के बाद उसे इंजेक्शन और ड्रिप लगाए जाने की बात सामने आई है।

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ड्रिप लगने के बाद बिगड़ी युवक की हालत

परिजनों के मुताबिक, इलाज शुरू होने के कुछ समय बाद ही विश्वास सिंह की हालत बिगड़ने लगी। युवक की तबीयत खराब होते देख उसकी मां ने कथित तौर पर ड्रिप बंद करने के लिए कहा।परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद क्लीनिक संचालक ने ड्रिप बंद नहीं की और खुद को डॉक्टर बताते हुए इलाज जारी रखा। कुछ ही देर में युवक की हालत इतनी बिगड़ गई कि परिवार के लोग उसे तत्काल अस्पताल ले जाने लगे।

अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत

परिजन युवक को लेकर अस्पताल के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में उसकी हालत और गंभीर हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया।22 वर्षीय युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने इलाज करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए उपचार में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

पुलिस ने शिकायत लेकर शुरू की जांच

घटना के बाद पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब क्लीनिक में युवक के इलाज, लगाए गए इंजेक्शन और ड्रिप सहित अन्य परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है।युवक की मौत की सही वजह पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किस कारण से हुई और क्या इलाज के दौरान किसी तरह की लापरवाही हुई थी।

बिना मेडिकल डिग्री क्लीनिक संचालन पर भी सवाल

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि क्लीनिक संचालक के पास मान्य मेडिकल डिग्री नहीं थी, तो वह कथित तौर पर मरीजों का इलाज कैसे कर रहा था। ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, ऐसे में इस क्लीनिक के संचालन को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।यह भी जांच का विषय है कि संबंधित विभाग को क्लीनिक के संचालन और वहां मरीजों के इलाज की जानकारी थी या नहीं। यदि जानकारी थी तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई और यदि जानकारी नहीं थी तो स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

भाजपा मंडल अध्यक्ष होने से मामला और चर्चा में

आरोप भाजपा मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह से जुड़े होने के कारण मामला राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा में आ गया है। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी भी आरोप को अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही युवक की मौत की वास्तविक वजह तथा इलाज में कथित लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर खड़े किए सवाल

विश्वास सिंह की मौत ने ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित निजी क्लीनिकों और वहां मरीजों के इलाज की व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का सवाल है कि बिना पर्याप्त चिकित्सकीय योग्यता के किसी व्यक्ति द्वारा मरीजों का उपचार किए जाने की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी।अब देखना होगा कि पुलिस जांच और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई में क्या तथ्य सामने आते हैं और यदि बिना मान्य योग्यता के इलाज करने की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

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