MP News: मध्य प्रदेश के बड़वानी में स्मार्ट मीटर बदलने के बाद बिजली बिल में 7,350 रुपये की अतिरिक्त राशि जुड़ने का मामला सामने आया है। स्थानीय उपभोक्ता अशोक कुमार गोले ने बिजली विभाग पर बिना पूर्व सूचना दिए यह राशि वसूलने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कर्मचारियों ने घर आकर पुराना मीटर हटाया और नया स्मार्ट मीटर लगा दिया, लेकिन मीटर बदलने के शुल्क के बारे में उन्हें पहले कोई जानकारी नहीं दी गई। बाद में बिजली बिल में अतिरिक्त राशि जुड़ी देखकर वह हैरान रह गए।
बिल में जुड़ी हजारों रुपये की राशि
उपभोक्ता अशोक गोले के मुताबिक, मीटर बदलते समय विभागीय कर्मचारियों ने उनसे किसी अतिरिक्त शुल्क के बारे में चर्चा नहीं की थी। लेकिन जब बिजली बिल मिला, तो उसमें 7,350 रुपये की राशि जुड़ी हुई थी। अब उपभोक्ता इस शुल्क का आधार जानना चाहते हैं। उनका सवाल है कि जब मीटर बदलने से पहले खर्च की जानकारी नहीं दी गई, तो इतनी बड़ी राशि बिल में किस आधार पर जोड़ी गई?
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स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल बढ़ने की शिकायत
अशोक गोले ने यह भी दावा किया कि उनके इलाके में स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली बिल पहले की तुलना में अधिक आ रहे हैं। इससे आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। हालांकि, बिल बढ़ने के कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। उपभोक्ता ने बिजली विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और बिल में जोड़ी गई अतिरिक्त राशि की समीक्षा करने की मांग की है।
अधिकारी बोले- 7,350 रुपये की राशि ज्यादा लग रही है
मामले पर बिजली विभाग के अधीक्षण यंत्री अरविंद सिंह ने कहा कि उन्हें इस शिकायत की अब तक आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने यह भी बताया कि मीटर बदलने के लिए निर्धारित शुल्क होता है, लेकिन 7,350 रुपये की राशि सामान्य तौर पर अधिक लगती है। अधिकारी ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
जांच के बाद स्पष्ट होगा शुल्क का आधार
अब इस मामले में बिजली विभाग की जांच अहम होगी। जांच में यह स्पष्ट किया जाना होगा कि बिल में जोड़ी गई राशि किस मद में दर्ज की गई है और क्या इसकी गणना निर्धारित नियमों के अनुसार हुई है। यदि शुल्क में कोई गलती पाई जाती है, तो बिल में सुधार का सवाल भी उठेगा।उपभोक्ता की मांग है कि मीटर बदलने से पहले शुल्क की जानकारी दी जाए, ताकि लोगों को बाद में अचानक अतिरिक्त भुगतान का सामना न करना पड़े। फिलहाल विभाग की ओर से जांच का आश्वासन दिया गया है। मामले में अंतिम स्थिति जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।