Mada Police Station Singrauli : सिंगरौली (माड़ा) : सिंगरौली जिले के माड़ा थाना अंतर्गत ग्राम चौरा से एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है, जिसने कानून के दुरुपयोग और पारिवारिक कलह के बीच की लकीर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रार्थिया शीला देवी शाह ने पुलिस प्रशासन को शिकायती पत्र सौंपकर अपनी बहू सुषमा शाह पर दुर्भावनापूर्ण तरीके से दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि बहू ने न केवल बुजुर्ग सास-ससुर, बल्कि भोपाल में रहकर पढ़ाई कर रही ननद तक का नाम इस एफआईआर में घसीट लिया है, जो घटना के समय जिले में मौजूद ही नहीं थी।
विवाद की जड़ पुत्र प्रदीप शाह की मानसिक स्थिति और उसके विवाह से जुड़ी है। शीला देवी के अनुसार, उनके बड़े पुत्र प्रदीप की मानसिक स्थिति एक पुराने सड़क हादसे के बाद से ठीक नहीं है। आरोप है कि फरवरी 2025 में सुषमा शाह (जो पहले से विवाहित और एक बच्चे की मां बताई जा रही हैं) ने प्रदीप की कमजोरी का फायदा उठाकर उससे मंदिर में विवाह कर लिया। जब परिवार ने इस बेमेल रिश्ते का विरोध किया, तो सुषमा ने कथित तौर पर पूरे परिवार को जेल भिजवाने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां देना शुरू कर दिया।
लगातार होते विवादों के कारण जून 2025 में ‘100 डायल’ पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा था। शांति बनाए रखने के लिए परिवार ने प्रदीप और सुषमा के रहने की अलग व्यवस्था कर दी थी। परिवार का दावा है कि पिछले चार महीनों से प्रदीप स्वयं घर पर मौजूद नहीं है, इसके बावजूद हाल ही में उन्हें जानकारी मिली कि सुषमा ने माड़ा थाने में दहेज प्रताड़ना और अन्य धाराओं के तहत शिकायत दर्ज करा दी है। इस एफआईआर में परिवार के लगभग सभी सक्रिय सदस्यों को आरोपी बनाया गया है।
पीड़ित परिवार ने इस मामले को पूरी तरह झूठा और कानूनी दबाव बनाने की कोशिश करार दिया है। शीला देवी ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की गुहार लगाते हुए कहा है कि जो बेटी भोपाल में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही है, उसे इस विवाद में खींचना केवल प्रताड़ना का जरिया है। फिलहाल, माड़ा पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया है और जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों और बयानों के आधार पर ही अगली वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।











