निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : शरीर में हीमोग्लोबिन का संतुलित स्तर केवल कमजोरी से बचाने के लिए नहीं, बल्कि दिल को स्वस्थ रखने के लिए भी बेहद जरूरी है। हीमोग्लोबिन का मुख्य काम शरीर के हर अंग तक ऑक्सीजन पहुंचाना होता है। जब इसका स्तर कम हो जाता है, तो शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिसका सीधा असर हार्ट की सेहत पर पड़ता है।
नई रिसर्च में क्या सामने आया?
यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा मेडिकल स्कूल की एक नई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि कम हीमोग्लोबिन (एनीमिया) हार्ट अटैक और हार्ट फेल्योर का खतरा बढ़ा सकता है। रिसर्च में करीब 10 हजार ऐसे लोगों को शामिल किया गया, जिनमें हीमोग्लोबिन का स्तर कम था और वे दिल से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे थे।
दिल पर कैसे पड़ता है असर
रिसर्च के मुताबिक, जब शरीर में हीमोग्लोबिन कम होता है, तो दिल को ऑक्सीजन सप्लाई बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे हार्ट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, नसें कमजोर होती हैं और हार्ट फंक्शन प्रभावित होता है। इसके कारण मरीज को सांस फूलना, लगातार थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं होती हैं, जो आगे चलकर हार्ट फेल्योर का रूप ले सकती हैं।
मौत का बढ़ता जोखिम
रिसर्च टीम के प्रमुख और हार्ट फेल्योर प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. इंदर एस. आनंद के अनुसार, अगर किसी मरीज को हार्ट फेल्योर के साथ एनीमिया भी है, तो उसकी मृत्यु का खतरा करीब 30 फीसदी और अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम 40 फीसदी तक बढ़ सकता है।
कितना होना चाहिए हीमोग्लोबिन
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महिलाओं में: 12 g/dL से कम नहीं
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पुरुषों में: 13 g/dL से कम नहीं
बचाव के लिए क्या करें
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नियमित हीमोग्लोबिन जांच कराएं
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आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B12 की कमी दूर करें
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डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लें
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संतुलित और आयरन-युक्त आहार अपनाएं













