Festive Adulteration Alert: असली और नकली मावे की पहचान के आसान टिप्स, एक नजर में समझें फर्क

VIKASH KHALKHO

नई दिल्ली। Festive Adulteration Alert: दीपावली और अन्य प्रमुख त्योहारों के इस पावन सीजन में बाजार में मिठाई, मावा, दूध, पनीर और घी की मांग अचानक बहुत बढ़ जाती है। इसी मांग का फायदा उठाकर मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं और धड़ल्ले से मिलावटी सामान बेचने लगते हैं। बाजार में देखने में हर चीज बिल्कुल ताजा और आकर्षक लगती है, लेकिन असलियत में वह सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकती है। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि आप त्योहारी खरीदारी करते समय पूरी तरह सतर्क रहें और घर पर ही शुद्धता की जांच करने के इन आसान तरीकों को अपनाएं।

Homemade Paneer

बाजार में बिकने वाले पनीर की शुद्धता जांचने के लिए उसे देखकर, सूंघकर और चखकर परखें। यदि पनीर में स्टार्च की मिलावट का शक है, तो उस पर आयोडीन नमक छिड़ककर जांच की जा सकती है। नमक डालने पर यदि पनीर का रंग नीला या काला पड़ने लगे, तो समझ लीजिए कि उसमें स्टार्च की मिलावट की गई है। इसी तरह, दैनिक उपयोग में आने वाले दूध में पानी, डिटर्जेंट या स्टार्च मिलाया जाता है। असली दूध की पहचान यह है कि वह धीरे-धीरे बहता है और पीछे एक सफेद निशान छोड़ता है, जबकि नकली या पानी मिला दूध तेजी से बह जाता है। डिटर्जेंट मिले होने पर दूध में जरूरत से ज्यादा झाग बनता है।

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त्योहारों पर रंग-बिरंगी मिठाइयों और खोये (मावा) की खरीदारी करते समय भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। मावे की शुद्धता जांचने के लिए उसे हथेली पर लेकर रगड़ें; असली मावा पूरी तरह मुलायम और दानेदार होता है तथा अपनी प्राकृतिक चिकनाई छोड़ता है, जबकि नकली मावा रबड़ जैसा महसूस होता है। इसके अलावा, मिठाई के टुकड़े में थोड़ा गर्म पानी मिलाकर उसमें आयोडीन सॉल्यूशन की कुछ बूंदें डालने पर यदि रंग नीला या काला हो जाए, तो उसमें स्टार्च की मिलावट की पुष्टि हो जाती है। मिठाई की महक से भी उसकी ताजगी और शुद्धता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

अपने हाथो से बना शुद्ध देसी घी Desi Ghee Banane ki Vidhi

अंत में, शुद्ध घी और मावा खरीदते समय उनकी महक को जरूर सूंघें। घी की शुद्धता जांचने के लिए एक गिलास पानी में एक चम्मच घी डालें; असली घी हमेशा पानी की सतह पर तैरता रहता है, जबकि मिलावटी या नकली घी पानी के तल में नीचे बैठ जाता है। इन छोटी-छोटी बातों और वैज्ञानिक तरीकों का ध्यान रखकर आप न केवल अपने परिवार को मिलावट के जहर से बचा सकते हैं, बल्कि त्योहारी सीजन का पूरा आनंद भी ले सकते हैं।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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