Gardening Tips: सब्जियों और फलों के छिलकों से बढ़ाएं पौधों की ग्रोथ, गमले में किचन वेस्ट डालने का सही तरीका जानें

News Desk

Gardening Tips: सब्जियों और फलों के छिलकों को अक्सर बेकार समझकर फेंक दिया जाता है, लेकिन सही तरीके से इस्तेमाल करने पर ये कंपोस्ट बनाने में मदद कर सकते हैं। केले, लौकी और दूसरी सब्जियों के छिलकों जैसे जैविक कचरे से पौधों को पोषक तत्व मिल सकते हैं। हालांकि, कच्चे कचरे को सीधे गमले में डालते समय सावधानी बरतना जरूरी है, ताकि बदबू, कीड़े या जड़ों को नुकसान जैसी परेशानी न हो।

सबसे पहले अलग करें गीला कचरा

रसोई से निकलने वाले साफ जैविक अवशेषों को एक अलग बाल्टी या डिब्बे में इकट्ठा करें। इसमें फल और सब्जियों के छिलके शामिल कर सकते हैं। प्लास्टिक, शीशा, पका हुआ भोजन, तेल-मसाले वाला बचा खाना और डेयरी उत्पाद इसमें न मिलाएं। कचरे को लंबे समय तक खुला जमा न रखें, क्योंकि इससे दुर्गंध और कीड़े पनप सकते हैं।

जड़ों से दूर बनाएं छोटा गड्ढा

अगर आप गमले में किचन वेस्ट डालना चाहते हैं, तो पौधे के तने और जड़ों से थोड़ी दूरी पर मिट्टी को सावधानी से हटाएं। गमले के आकार के अनुसार करीब 2 से 3 इंच गहरा गड्ढा बनाया जा सकता है। ध्यान रखें कि गमला बहुत छोटा हो, तो उसमें ज्यादा कचरा न डालें। ताजा जैविक अवशेषों की अधिक मात्रा मिट्टी में सड़ने के दौरान बदबू पैदा कर सकती है और पौधे की बढ़वार प्रभावित कर सकती है।

कचरा दबाकर मिट्टी से ढक दें

छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर गड्ढे में सीमित मात्रा में डालें। फिर उन्हें मिट्टी से पूरी तरह ढक दें, ताकि वे खुले में न रहें और मक्खियां आकर्षित न हों। जरूरत से ज्यादा पानी न डालें। कच्चे कचरे को कुछ ही दिनों में पूरी तरह खाद बनने की उम्मीद न करें। इसे गलने और पोषक तत्वों में बदलने में कई सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है।

नीम खली का इस्तेमाल कैसे करें?

कुछ लोग किचन वेस्ट के साथ नीम खली का इस्तेमाल करते हैं। इसे पौधे और उत्पाद के निर्देशों के अनुसार सीमित मात्रा में डालें। नीम खली कुछ कीटों के प्रबंधन में मदद कर सकती है, लेकिन यह हर तरह के फंगस या बीमारी से बचाव की गारंटी नहीं है। अगर गमले में पहले से बदबू, फफूंद या कीड़े दिखाई दें, तो ताजा कचरा डालना रोकें।

कंपोस्ट बनाकर इस्तेमाल करना बेहतर

किचन वेस्ट का उपयोग करने का एक अच्छा तरीका अलग कंपोस्ट बिन में इसे सूखे पत्तों या दूसरे सूखे जैविक पदार्थों के साथ गलाना है। जब सामग्री भुरभुरी हो जाए और कच्चे छिलकों जैसी न दिखे, तब उसे मिट्टी में मिलाया जा सकता है। पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए खाद के साथ पर्याप्त रोशनी, सही मात्रा में पानी और गमले में जल निकासी भी जरूरी है।

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