कोरबा: खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी की तैयारियों के बीच सरकार ने किसानों के लिए पंजीयन की तिथि बढ़ाकर राहत प्रदान की थी। इस राहत का अंतिम दिन आज है। एकीकृत किसान पोर्टल में नवीन पंजीयन, कैरी-फॉरवर्ड और फसल रकबे में संशोधन के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। यह कदम उन किसानों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिनका पंजीयन किसी कारणवश अधूरा रह गया था या जिनके दस्तावेजों में सुधार की आवश्यकता थी।
पंजीयन प्रक्रिया और राहत की वजह
धान खरीदी आरंभ होने के बाद एकीकृत किसान पोर्टल 31 अक्टूबर को बंद कर दिया गया था। लेकिन कई किसान पंजीयन से छूट गए थे। इसे देखते हुए शासन ने 19 से 25 नवंबर तक पंजीयन की सुविधा पुनः उपलब्ध कराई। किसानों को पंजीयन की तिथि बढ़ाने से विशेष राहत मिली है, जिससे वे अपने दस्तावेज सही कर सकेंगे और खरीदी में भाग ले सकेंगे।
कौन-कौन से किसान लाभान्वित होंगे
इस राहत से विशेष रूप से निम्नलिखित किसान लाभान्वित होंगे:
- डुबान क्षेत्र के किसान, जिनकी जमीन समय-समय पर बाढ़ या पानी में डूबती है।
- वनपट्टाधारी कृषक, जिनके वनपट्टे हाल ही में स्वीकृत हुए हैं।
- शेष पंजीयन से वंचित कृषक, जिन्होंने किसी कारणवश समय पर पंजीयन नहीं कर पाया।
- सरकार का उद्देश्य इन किसानों की पात्रता सुनिश्चित करना और उन्हें धान बेचने का अवसर देना है।
पंजीयन कैसे और कहाँ
जिन किसानों का पंजीयन अधूरा रह गया है या जिन्हें दस्तावेजों में सुधार की आवश्यकता है, वे लोक सेवा केंद्र और संबंधित केंद्रों पर जाकर पंजीयन करवा सकते हैं। इसके माध्यम से किसान अपनी फसल और व्यक्तिगत जानकारी को अपडेट कर सकते हैं।
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सरकार का मकसद और किसानों की प्रतिक्रिया
सरकार ने किसानों से कहा है कि इस सुविधा का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने पंजीयन को अंतिम तिथि तक पूरा करें। किसानों ने भी इस कदम को सराहनीय बताया है। उन्होंने कहा कि यह समय विस्तार उन्हें खरीफ विपणन वर्ष में धान बेचने का अवसर सुनिश्चित करता है। इस प्रकारदेखा जाए तो , पंजीयन की तिथि बढ़ाना छत्तीसगढ़ सरकार का ऐसा कदम है, जिसने किसानों को खरीफ धान खरीदी में भाग लेने और आर्थिक लाभ पाने का मौका दिया है।













