Khairagarh News: खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में सरकारी शराब दुकानों के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खैरागढ़ और छुईखदान की शराब दुकानों से जुड़े दो वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वीडियो में कहीं एक युवक के साथ मारपीट होती दिखाई दे रही है, तो कहीं पर्स चोरी के संदेह में एक युवक को लोग पीटते नजर आ रहे हैं। इन घटनाओं ने शराब दुकानों के आसपास सुरक्षा इंतजाम, पुलिस की निगरानी और आबकारी विभाग की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटनाओं की पूरी परिस्थितियों और उनमें शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। लेकिन यदि चोरी के संदेह में किसी युवक के साथ मारपीट की गई है, तो यह कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर मामला है। किसी व्यक्ति पर शक होने मात्र से उसे दोषी नहीं माना जा सकता। ऐसी स्थिति में पुलिस को सूचना देकर कानूनी कार्रवाई कराना ही उचित तरीका है।
शराब दुकानों के बाहर आखिर क्यों हो रहे विवाद?
खैरागढ़ और छुईखदान से सामने आए वीडियो ने शराब दुकानों के आसपास के माहौल को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शराब खरीदने के लिए आने वाले लोगों के बीच विवाद, मारपीट और चोरी के संदेह जैसी घटनाएं यदि सामने आती हैं, तो वहां मौजूद अन्य लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। सवाल यह है कि सरकारी शराब दुकानों के आसपास ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या व्यवस्था है? क्या संवेदनशील स्थानों पर नियमित पुलिस गश्त होती है? विवाद की स्थिति में तत्काल हस्तक्षेप करने के लिए कोई प्रभावी इंतजाम है? इन सवालों के जवाब सामने आना जरूरी है।
पहले भी उठ चुके हैं ओवररेटिंग और नकली शराब के मुद्दे
जिले में सरकारी शराब दुकानों को लेकर पहले भी विवाद और शिकायतें सामने आती रही हैं। निर्धारित कीमत से अधिक पर शराब बेचने यानी ओवररेटिंग को लेकर सवाल उठे हैं। इसके अलावा नकली शराब मिलने के मामले भी चर्चा में रहे हैं। इन मामलों में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन से जुड़ी जानकारी भी सामने आई थी।
ऐसे में ताजा वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि पिछली घटनाओं के बाद निगरानी व्यवस्था में क्या सुधार किया गया। क्या शराब दुकानों के संचालन और उनके आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं? यदि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के दावे किए गए थे, तो उनकी जमीनी स्थिति क्या है?
आबकारी विभाग की जिम्मेदारी पर सवाल
सरकारी शराब दुकानों के संचालन और आबकारी नियमों के पालन की निगरानी आबकारी विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में विभाग से यह जानना जरूरी है कि दुकानों के आसपास लगातार सामने आने वाली शिकायतों और विवादों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
ओवररेटिंग, नकली शराब से जुड़े मामलों और मारपीट जैसी घटनाओं के बाद निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की गई या नहीं? दुकानों के संचालन में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए किस स्तर पर निरीक्षण किया जा रहा है? इन सवालों पर विभाग की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
हालांकि, दुकानों के बाहर होने वाली प्रत्येक आपराधिक घटना के लिए सीधे आबकारी विभाग को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। लेकिन ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय और प्रभावी निगरानी की आवश्यकता जरूर है।
पुलिस की गश्त और त्वरित कार्रवाई पर भी नजर
शराब दुकानों के आसपास मारपीट या किसी अपराध की आशंका होने पर पुलिस की भूमिका अहम हो जाती है। ऐसे स्थानों पर नियमित गश्त, शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई और विवाद की स्थिति में समय पर हस्तक्षेप से घटनाओं को बढ़ने से रोका जा सकता है।
अब सवाल यह भी है कि क्या संबंधित स्थानों से पहले इस तरह की शिकायतें मिली थीं और क्या वहां नियमित पेट्रोलिंग की जाती है? यदि वायरल वीडियो में दिखाई गई घटनाएं हाल की हैं, तो उनमें शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण होगा।
वायरल वीडियो के आधार पर जांच करेगी पुलिस
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपेश कुमार डांडे ने बताया कि इस संबंध में अब तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जाएगी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के इस बयान के बाद अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटनाएं किन परिस्थितियों में हुईं, मारपीट में कौन-कौन शामिल था और क्या किसी अन्य तरह का विवाद भी इसके पीछे था।
अब जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई पर टिकी नजर
खैरागढ़ और छुईखदान की सरकारी शराब दुकानों से जुड़े वीडियो ने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं। अब यह देखना होगा कि पुलिस वीडियो के आधार पर कितनी जल्दी तथ्यों की पुष्टि करती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
Khairagarh News: साथ ही आबकारी विभाग की ओर से दुकानों के आसपास की व्यवस्था की समीक्षा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर भी नजर रहेगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकारी शराब दुकानों के आसपास विवाद और मारपीट की घटनाओं को रोकने के लिए जिम्मेदार विभाग क्या ठोस कदम उठाते हैं।