निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों के बीच कांकेर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। छिंदपदर गांव की रहने वाली नक्सली डीवीसीएम (DVCM) मासे बारसा ने एके-47 के साथ पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।यह आत्मसमर्पण नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
2003 से सक्रिय रही थी मासे बारसा
मासे बारसा वर्ष 2003 से दण्डकारण्य, अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर क्षेत्र में सक्रिय बताई जा रही थी। लंबे समय तक संगठन से जुड़ी रहने के बाद उसने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।जंगल क्षेत्र से निकलकर वह सीधे कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल रखेचा के समक्ष पहुंचीं और औपचारिक रूप से सरेंडर किया।
Read More : C.G News : निकाय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! होली से पहले वेतन के लिए जारी हुए ₹62.85 करोड़
पुलिस ने की अन्य माओवादियों से अपील
बस्तर आईजी सुंदर राज पी और एसपी निखिल रखेचा ने अन्य माओवादियों से भी हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की है।अधिकारियों ने कहा कि शासन की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को नियमानुसार आर्थिक सहायता और पुनर्वास सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
नक्सल उन्मूलन अभियान को मजबूती
प्रदेश में लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों के बीच यह सरेंडर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुरक्षा बलों का कहना है कि सरकार की पुनर्वास नीति और विकास कार्यों के कारण कई नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं।कांकेर में हुआ यह आत्मसमर्पण नक्सल उन्मूलन अभियान को और मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है।











