निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के ईसागढ़ में आयोजित जनसुनवाई के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सिंधिया कलेक्टर साकेत मालवीय पर लापरवाही को लेकर नाराज होते नजर आ रहे हैं।
जनसुनवाई में दिखी नाराजगी
दरअसल, जनसुनवाई के दौरान जब लोग अपनी समस्याओं के आवेदन मंत्री को सौंप रहे थे, तभी सिंधिया की नजर कलेक्टर पर पड़ी। कलेक्टर आवेदन पत्रों को अव्यवस्थित तरीके से थैले में रख रहे थे, जिसे देखकर सिंधिया नाराज हो गए।
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“ये कागज नहीं, उम्मीदें हैं”
सिंधिया ने मंच से ही कलेक्टर को फटकार लगाते हुए कहा, “ये कागज नहीं, जनता की उम्मीदें हैं। ये हमारे लिए सोने के समान हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि जब वह खुद एक-एक आवेदन को ठीक से ले सकते हैं, तो अधिकारी ऐसा क्यों नहीं कर सकते।
खुद संभाले आवेदन
इस दौरान सिंधिया ने खुद आगे बढ़कर सभी आवेदन पत्रों को व्यवस्थित तरीके से एकत्रित किया और फिर कलेक्टर को सौंपा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक भी आवेदन टेढ़ा नहीं होना चाहिए और हर आवेदन को सम्मान के साथ संभाला जाना चाहिए।
जनता की भावनाओं का सम्मान जरूरी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनसुनवाई में आने वाले लोग भरोसे के साथ अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। ऐसे में उनकी बातों और आवेदनों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये आवेदन सिर्फ फाइलों का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि किसी की पीड़ा, संघर्ष और उम्मीद की कहानी हैं।
वीडियो हुआ वायरल
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग सिंधिया के इस रवैये की सराहना कर रहे हैं और इसे जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी का उदाहरण बता रहे हैं।











