Jitu Patwari : भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी के ‘वनवास’ वाले बयान ने प्रदेश की राजनीति में नया उबाल पैदा कर दिया है। इस बयान के समर्थन में उतरते हुए पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने जीतू पटवारी की तुलना भगवान राम से और भारतीय जनता पार्टी की तुलना रावण से कर दी है। शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार भगवान राम ने 14 वर्ष का वनवास काटकर रावण का अंत किया था, वैसी ही परिस्थितियां आज मध्य प्रदेश में हैं। जीतू पटवारी संघर्ष के रास्ते पर हैं और इसका परिणाम सकारात्मक आएगा।
दिग्विजय सिंह द्वारा आरएसएस (RSS) की प्रशंसा और उस पर मचे सियासी घमासान को लेकर भी पीसी शर्मा ने अपनी राय रखी। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय द्वारा दिग्विजय सिंह का समर्थन किए जाने पर शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह एक ऐसे कद्दावर नेता हैं, जिनकी निष्ठा का लोहा पक्ष और विपक्ष दोनों मानते हैं। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह हमेशा संगठन की मजबूती के लिए बात करते हैं और वे महाराष्ट्र, हरियाणा व मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में हुई हार को लेकर सजग हैं, ताकि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाया जा सके।
पूर्व कानून मंत्री पीसी शर्मा ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए ‘हिंदू और हिंदुत्व’ के मुद्दे पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह केवल हिंदुत्व की बातें करते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि आज देश के भीतर भी हिंदू खतरे में है। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार उन्हें बचाने में नाकाम रही है, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े कर बांग्लादेश बनाकर अपना लोहा मनवाया था।
शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है। उन्होंने विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की नाराजगी का हवाला देते हुए कहा कि आज करणी सेना, साधु-संत और सनातन धर्मी सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ खड़े हैं। अलग-अलग मामलों में सरकार की नीतियों की खिलाफत हो रही है और सनातन धर्मियों पर अत्याचार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार इन वर्गों का विश्वास खो चुकी है और हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है।
जीतू पटवारी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए पीसी शर्मा ने कहा कि पटवारी पूरी ताकत से जनता के मुद्दों को उठा रहे हैं और उनका संघर्ष बेकार नहीं जाएगा। उन्होंने नेहरू-गांधी परिवार के प्रति दिग्विजय सिंह की अटूट निष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस एकजुट होकर आगामी चुनौतियों का सामना करेगी। शर्मा के इन बयानों ने भोपाल से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज कर दी हैं, जिससे स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में जुबानी जंग और तीखी होगी।

