निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के फरसाबहार से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मरीजों की सुविधा के लिए बनी एम्बुलेंस का इस्तेमाल गैस सिलेंडर ढोने में किया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
वीडियो में दिखी नियमों की अनदेखी
वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) फरसाबहार की एम्बुलेंस में गैस सिलेंडर लोड कर उसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह सिलेंडर NRC (पोषण पुनर्वास केंद्र) के लिए लाया जा रहा था, लेकिन इसके लिए एम्बुलेंस का उपयोग नियमों के खिलाफ है।
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जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल
इस पूरे मामले में CSC के अकाउंटेंट रजनीश बुनकर की भूमिका सामने आई है, जिनके निर्देश पर एम्बुलेंस (मारुति ओमनी) का इस्तेमाल किया गया। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है।
BMO ने बताया गलत, दी सफाई
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए फरसाबहार के BMO डॉ. के. के. डाहिरे ने इसे पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी पहले नहीं थी और यह जानकारी उन्हें मीडिया के जरिए मिली है। उन्होंने भविष्य में इस तरह की घटना न हो, इसके लिए अलग वाहन की व्यवस्था करने की बात कही।
सिस्टम की लापरवाही या मिलीभगत?
हालांकि, जिस तरह से खुलेआम एम्बुलेंस में गैस सिलेंडर ढोए जा रहे थे, उससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ लापरवाही है या इसमें जिम्मेदारों की मिलीभगत भी शामिल है।











