Janjgir Champa Police Success : जांजगीर-चांपा: जिले की शिवरीनारायण पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह को दबोचा है जिसने चोरी के परिवहन के लिए एम्बुलेंस का उपयोग कर सबको हैरान कर दिया। यह गिरोह ट्रांसफार्मर से कॉपर और एल्युमिनियम वायर निकालकर खपाने का काम करता था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।
एम्बुलेंस बनी ‘तस्करी’ का जरिया
गिरोह ने पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए एक बोलेरो वाहन (CG-10 AT-5255) को एम्बुलेंस का रूप दे रखा था। वे रात के अंधेरे में इसी एम्बुलेंस और एक ‘छोटा हाथी’ वाहन का उपयोग चोरी किए गए भारी कॉपर और एल्युमिनियम को ले जाने के लिए करते थे, ताकि किसी को शक न हो।
बड़ी मात्रा में बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 17,30,000 रुपये की सामग्री जब्त की है, जिसमें शामिल हैं:
- भारी मात्रा में कॉपर और एल्युमिनियम वायर।
- ट्रांसफार्मर के हिस्से और लोहे के एंगल।
- चोरी में प्रयुक्त कटर मशीन, ब्लेड और औजार।
- 04 मोबाइल फोन और 02 वाहन (एम्बुलेंस बनी बोलेरो और छोटा हाथी)।
पकड़े गए आरोपी (सभी निवासी: मस्तूरी, जिला बिलासपुर)
- अमर बाबू उर्फ कुंदन वानी (26 वर्ष) – गिरोह का मास्टरमाइंड।
- संतोष भास्कर (38 वर्ष)।
- वीरेंद्र सुमन (39 वर्ष)।
- राज आर्यन वानी उर्फ छोटू वानी (20 वर्ष)।
- अमन रात्रे (20 वर्ष)।
- राज आर्यन उर्फ रोहित वानी (21 वर्ष)।

कैसे काम करता था गिरोह?
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में की गई जांच में पता चला कि आरोपी पहले दिन में ट्रांसफार्मरों की रेकी करते थे और मोबाइल से फोटो लेते थे। रात होते ही वे औजारों के साथ पहुँचते और वायर काटकर मुख्य आरोपी अमर बाबू की कबाड़ दुकान में खपा देते थे। इस गिरोह ने जांजगीर के अलावा बिलासपुर और बलौदाबाजार जिलों में भी 10 से अधिक वारदातों को अंजाम दिया है।
लगी ‘संगठित अपराध’ की कड़ी धारा
चूंकि मुख्य आरोपी अमर बाबू और अन्य के खिलाफ पहले से ही कई जिलों में मामले दर्ज हैं, इसलिए पुलिस ने इस बार सामान्य चोरी के अलावा बीएनएस (BNS) की धारा 111 (संगठित अपराध) के तहत कार्रवाई की है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।













