निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व बीजेपी विधायक जागेश्वर राम भगत का 77 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने जिला अस्पताल जशपुर में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई।
हार्ट अटैक के बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, अचानक तबीयत खराब होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
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समाज सेवा में अहम योगदान
जागेश्वर राम भगत सिर्फ एक जनप्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि समाजसेवी के रूप में भी जाने जाते थे। वे लंबे समय तक वनवासी कल्याण आश्रम सरहुल समिति के अध्यक्ष रहे और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करते रहे। उनके प्रयासों से कई सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को मजबूती मिली।
सरल और मिलनसार व्यक्तित्व
स्थानीय लोग उन्हें एक सरल, मिलनसार और जमीनी नेता के रूप में याद कर रहे हैं। उनके साथ जुड़े लोग बताते हैं कि वे हमेशा आम जनता के बीच रहते थे और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता देते थे।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
पूर्व विधायक के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने उनके निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
क्षेत्र में शोक की लहर
जागेश्वर राम भगत के निधन से जशपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शोक का माहौल है। समर्थकों और स्थानीय लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को हमेशा याद रखने की बात कही।











